19 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात पर पडे़गा असर
क्रिसिल इंटेलिजेंस की एक शोध के अनुसार कपड़ा, केमिकल और समुद्री खाद्य और ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र में अमेरिकी टैरिफ से 19 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात प्रभावित होंगे। हालांकि इन क्षेत्रों के घरेलू बाजार में 10 अरब डॉलर की वृद्धि की उम्मीद है, इसलिए प्रभाव कुछ हद तक कम होने की भी उम्मीद हमें दिखाई देती है।
केमिकल कंपनियों पर दबाव अधिक
केमिकल कंपनी लक्ष्मी ऑग्रेनिक ने अपनी एक समीक्षा में बताया कि कंपनी का 30 प्रतिशत राजस्व अमेरिकी बाजार से आता है। कंपनी अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा निर्यात से प्राप्त करती है, जो अमेरिका, यूरोप , जापान और चीन सहित बाजारों में आता है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियां काफी महत्वपूर्ण हो जाती हैं। कंपनी का कहना है अमेरिकी बाजार में उपस्थिति की वजह से टैरिफ में वृद्धि हमारे लाभप्रदता को प्रभावित कर सकती है। हम इसके लिए नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। घरेलू बाजार पर ध्यान देते हुए कंपनी विकास को समर्थन देने और बाजार में अपनी स्थिति में सुधार लाने के लिए बड़े स्तर पर पूंजीगत व्यय करने की योजना बना रही है।
उत्पाद पोर्टफोलियों के साथ मूल्य निर्धारण जरूरी
केमिकल कंपनी आरती इंडस्ट्री के अनुसार कंपनी अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का मूल्यांकन कर रही है। टैरिफ की वजह से कुछ उत्पादों की लागत बढ़ सकती है, खासतौर पर वे उत्पाद जो अमेरिका में अधिक मांग रखते हैं। ऐसे में मूल्यों को निर्धारित करने और ग्राहकों की मांग को बनाए रखने की चुनौती सबसे अधिक है। हम अपने उत्पाद पोर्टफोलियों के साथ मूल्य निर्धारण और मांग में उतार-चढ़ाव पर ध्यान देंगे। साथ ही अन्य देशों के उत्पादों की तुलना में अपने उत्पादों को बेहतर बनाते हुए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने की योजना है। फिलहाल कंपनी अमेरिकी बाजार में अपने आप को एक बार फिर पुर्नगठित करेगी।