देश में बेरोजगारी दर में इजाफा जारी है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने देश में बेरोजगारी दर को लेकर एक ताजा रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, शहरी बेरोजगारी दर 17 हफ्तों में पहली बार दोहरे अंकों में बढ़कर 12 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के लिए 10.09 फीसदी हो गई। ग्रामीण भारत की बात करें तो यहां भी बेरोजगारी दर में इजाफा हुआ है।
देश की कुल बेरोजगारी उच्च स्तर पर
शहरी बेरोजगारी दर बढ़ने के कारण देश की कुल बेरोजगारी दर 9 हफ्ते के उच्च स्तर 8.53 फीसदी पर पहुंच गई। वहीं 12 दिसंबर को समाप्त हफ्ते के दौरान ग्रामीण बेरोजगारी दर की बात करें तो यह भी 9 हफ्ते के उच्च स्तर 7.42 फीसदी पर मौजूद थी। सीएमआईई के एमडी और सीईओ महेश व्यास की मानें तो उच्च बेरोजगारी दर नौकरियों की मांग में बढ़ोतरी और पर्याप्त संख्या में रोजगार पैदा करने में अर्थव्यवस्था की अक्षमता को दर्शाती है। शहरी बेरोजगारी दर पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ी हुई थी और नवंबर में बढ़ रही थी। नवंबर महीने में शहरों और कस्बों में रोजगार में 9 लाख की गिरावट आई है।
इन क्षेत्रों में तेजी से घटीं नौकरियां
व्यास के मुताबिक, शहरी रोजगार का संगठित क्षेत्रों में अधिक हिस्सा होता है। इसमें गिरावट का मतलब भारत में नौकरियों की समग्र गुणवत्ता में गिरावट मानी जाती है। हाल के दिनों में शहरी बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ एजुकेशन सेक्टर में नौकरियों में कटौती की वजह से हुई है। हालांकि, आईटी सेक्टर में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। हालांकि रिपोर्ट में यह बात भी कही गई है कि जैसे-जैसे बेरोजगारी दर बढ़ रही है, वैसे-वैसे रोजगार दर में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।