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UPI Payments: यूपीआई से एक साल में हुआ ₹230 लाख करोड़ का लेनदेन, वित्त वर्ष 2026 के आंकड़े जारी

Tue, 03 Feb 2026 04:59 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक UPI से रिकॉर्ड ₹230 लाख करोड़ के लेनदेन हुए हैं। UPI अब 8 देशों में सक्रिय है और IMF के अनुसार यह दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली बन चुका है।
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यूपीआई - फोटो : freepik
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विस्तार
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सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए चालू वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक रिकॉर्ड ₹230 लाख करोड़ के घरेलू लेनदेन दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा यूपीआई के तेजी से बढ़ते उपयोग और डिजिटल भुगतान में भारत की मजबूत होती भूमिका को दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2023 में कुल लेनदेन का मूल्य 230 करोड़ रुपये रहा

प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से लेनदेन का मूल्य तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 2022-23 में जहां कुल लेनदेन मूल्य ₹139 लाख करोड़ था, वहीं 2025-26 में दिसंबर तक यह बढ़कर ₹230 लाख करोड़ हो गया है।

यूपीआई का इस्तेमाल आठ देशों में हो रहा

मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यूपीआई अब भारत से बाहर भी विस्तार कर रहा है और मुद्रा रूपांतरण व स्थानीय कानूनों के पालन के साथ आठ देशों में इस्तेमाल हो रहा है। संसद में लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यूपीआई फिलहाल भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई में संचालित है। उन्होंने बताया कि सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल)  मिलकर यूपीआई के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए कई कदम उठा रहे हैं।

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इन पहलों में साझेदार देशों की तेज भुगतान प्रणालियों के साथ यूपीआई लिंकज का संचालन शामिल है, ताकि सीमा-पार व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) रेमिटेंस को सुगम बनाया जा सके। इसके अलावा यात्रा-आधारित कॉरिडोर के जरिए व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान को सक्षम करने पर भी काम किया जा रहा है।

वैश्विक रिटेल पेमेंट्स के कुल लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी 49%

वित्त मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की जून 2025 की रिपोर्ट 'ग्रोइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स (द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी)'  में यूपीआई को लेनदेन संख्या के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली माना गया है। वहीं एसीआई वर्ल्डवाइड रिपोर्ट 2024 के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम रिटेल पेमेंट्स के कुल लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी लगभग 49% है।

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