2022-23 में यूपीआई के जरिए कितने रुपये का लेन-देन हुआ?
पिछले हफ्ते ही केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने संसद में बताया है कि वित्तीय वषर्र 2022-23 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए 125 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है। इस दौरान 95 हजार से ज्यादा लोग धोखाधड़ी के शिकार भी हुए हैं। चिंता की बात ये है कि धोखाधड़ी के शिकार होने वालों की संख्या पिछले तीन साल से बढ़ती जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2020-21 में 77 हजार और 2021-22 में 84 हजार लोग यूपीआई से लेनदेन के दौरान धोखाधड़ी के शिकार हुए थे। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी वैश्विक स्वीकृति मिली है। सिंगापुर, यूएई, मॉरीशस, नेपाल और भूटान जैसे देशों ने भी इसे अपना लिया है।
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एनपीसीआई ने रिलीज जारी कर क्या कहा है?
यूपीआई लेनदेन पर 1 अप्रैल से शुल्क लगने की खबर पर एनपीसीआई ने बुधवार को रिलीज जारी कर स्थिति साफ की है। एनपीसीआई ने बुधवार को जारी रिलीज में कहा है कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) मुफ्त, तेज, सुरक्षित और निर्बाध बना रहेगा। इसके माध्यम से हर महीने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स और कारोबारियों के लिए 8 अरब रुपये से अधिक लेन-देन बिल्कुल मुफ्त में किए जाते हैं। PPI चार्ज वसूला जाएगा। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि ग्राहक और मर्चेंट के बीच किया गया बैंक अकाउंट से बैंक अकाउंट ट्रांजैक्शन बिल्कुल फ्री बना रहेगा।
क्या होता है पीपीआई जिसपर लगेगा शुल्क?
पीपीआई (प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स) एक ऐसा वित्तीय उपकरण है, जिसमें आप पहले से पैसे डालकर भविष्य में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस स्टोर किए गए पैसे से वस्तु और सेवाएं खरीदी जा सकती हैं। पीपीआई से दोस्त या रिश्तेदार, आदि को पैसे भी भेजे जा सकते हैं। फिलहाल अभी देश में तीन प्रकार के पीपीआई काम कर रहे हैं। ये हैं सेमी क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई, क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई और ओपन सिस्टम पीपीआई। पीपीआई को कार्ड और मोबाइल वॉलेट के रूप में जारी किया जा सकता है। देश में पेमेंट वॉलेट की सुविधा मुहैया कराने वाली प्रमुख कंपनियां जैसे पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसी कंपनियां इस तरह के पीपीआई से जुड़ी सेवाएं मुहैया कराती हैं।
कहां से मिलता है पीपीआई कार्ड?
पीपीआई को बैंक और गैर-बैंकिंग इकाइयां जारी करती हैं। आरबीआई प्रावधानों के अनुसार पीपीआई में पैसे भरे जा सकते हैं और इसे कार्ड या इलेक्ट्रानिक रूप में जारी किया जा सकता है। इसे बैंक खातों में पड़े पैसे रिचार्ज किया जा सकेगा। इस पीपीआई का उपयोग वस्तु और सेवाओं की खरीद में किया जा सकेगा। बचे हुए पैसे को को फिर से खाते में ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।