निर्मला सीतारमण ने कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘हम डिजिटलीकरण के माध्यम से उच्च स्तर की पारदर्शिता हासिल करना चाहते हैं। इसलिए, हमें लगता है कि अभी UPI सेवाओं के लिए शुल्क लेने का उचित समय नहीं आया है।
वित्त मंत्री की टिप्पणी वित्त मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट किए जाने के कुछ ही दिनों बाद आई है कि UPI पर कोई शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है। बता दें कि UPI एक जनवरी 2020 से जीरो चार्ज फ्रेमवर्क पर आधारित है।
मंत्रालय ने कहा था कि सेवा प्रदाताओं की ओर से वहन की जाने वाली लागत को अन्य माध्यमों से वसूल किया जाएगा।
बता दें कि पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी एक डिस्कशन पेपर में सुझाव मांगा गया था कि यूपीआई और अन्य भुगतान प्रणालियों के माध्यम से लेनदेन पर शुल्क लगाया जाना चाहिए या नहीं।