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UPI: यूपीआई सेवाओं पर शुल्क लगाने का अभी सही समय नहीं, वित्त मंत्री बोलीं- इससे हो रहा जनता का भला

Sat, 27 Aug 2022 02:24 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

UPI: वित्त मंत्री ने कहा हम डिजिटल भुगतान को सार्वजनिक हित के रूप में देखते हैं। लोगों को इन सुविधाओं का स्वतंत्र रूप से उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण उनके लिए आकर्षक बना रहे।
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निर्मला सीतारमण - फोटो : social media
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को मुफ्त बनाए रखने के सरकार के रुख को दोहराया है। 

मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार का यह मानना है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली से आम लोगोंं को सहूलियत मिल रहा है, इससे जनता का भलाई हो रहा है इसलिए यह जरूरी है कि यह सेवा आम लोगों को मुफ्त में मिलती रहे।

वित्त मंत्री ने कहा हम डिजिटल भुगतान को सार्वजनिक हित के रूप में देखते हैं। लोगों को इन सुविधाओं का स्वतंत्र रूप से उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण उनके लिए आकर्षक बना रहे।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

निर्मला सीतारमण ने कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘हम डिजिटलीकरण के माध्यम से उच्च स्तर की पारदर्शिता हासिल करना चाहते हैं। इसलिए, हमें लगता है कि अभी UPI सेवाओं के लिए शुल्क लेने का उचित समय नहीं आया है। 

वित्त मंत्री की टिप्पणी वित्त मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट किए जाने के कुछ ही दिनों बाद आई है कि UPI पर कोई शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है। बता दें कि UPI एक जनवरी 2020 से जीरो चार्ज फ्रेमवर्क पर आधारित  है।

मंत्रालय ने कहा था कि सेवा प्रदाताओं की ओर से वहन की जाने वाली लागत को अन्य माध्यमों से वसूल किया जाएगा।
 
बता दें कि पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी एक डिस्कशन पेपर में सुझाव मांगा गया था कि यूपीआई और अन्य भुगतान प्रणालियों के माध्यम से लेनदेन पर शुल्क लगाया जाना चाहिए या नहीं।
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