सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) दिवस ( 27 जून को मनाया जाता है) से पहले एक रिपोर्ट जारी हुई हैं, जिससे पता चलता है, भारत के छोटे कारोबारी किस तरह से अपने कारोबार में डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल कर रहे है, जिससे उनका उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं को पिछले साल की तुलना में डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने में अधिक सहजता और आत्मविश्वास महसूस करते हैं। जबकि 82 प्रतिशत दैनिक कारोबारी गतिविधियों में इनका उपयोग कर रहे हैं। यह बदलाव भुगतान व्यवहार में भी परिलक्षित होता है, जिसमें 80 प्रतिशत ने पिछले साल की तुलना में अपने स्टोर पर डिजिटल भुगतान में हुई वृद्धि के बारे में बताया है।
रिपोर्ट के अनुसार देश के अंतिम छोर तक डिजिटल भुगतान लागतार बढ़ रहा है, लेकिन भारत का लेनदेन तंत्र अभी भी नकद और डिजिटल का मिश्रण बना हुआ है। रिपोर्ट कहती है, 61 प्रतिशत लेनदेन आधार बैंकिंग और यूपीआई दोनों से मिलकर देखने को मिली है, जबकि 37 प्रतिशत लेनदेन नकद में किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार 41 प्रतिशत उत्तरदाताओं का कहना डिजिटल उपकरणों से उनकी आय में वृद्धि हुई है, जबकि 37 प्रतिशत का कहना है, इससे ग्राहकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिली है। इसके साथ ही यह बदलाव एमएसएमई क्षेत्रों में खुदरा विक्रेताओं की भूमिका को मजबूत कर रहा है।
पे नियरबाय के नेटवर्क में शामिल खुदरा विक्रेताओं और डिजिटल नारियों के बीच डिजिटल भुगतान अपनाने की रुझान बढ़ा है। इसमें 79 प्रतिशत महिलाएं डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर रही हैं, जबकि 61 प्रतिशत महिलाएं सरकारी योजनाओं को प्राप्त करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करती हैं।
रिपोर्ट का दावा है 90 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने किसी न किसी रूप में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बारे में सुना है। जबकि 71 प्रतिशत ने व्यावसायिक कामों को स्वचालित करने और बेहतर बनाने के लिए एआई उपकरणों का उपयोग किया है। वहीं 26 प्रतिशत अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित है कि कौन सी एआई सुविधाएं उनके कारोबार के लिए सबसे अच्छी होंगी।
पे नियरबाय के संस्थापक, एमडी और सीईओ आनंद कुमार बजाज कहते हैं, कुल मिलाकर लघु और मध्यम उद्यम डिजिटल प्लेटफॉर्म को पहली बार अपनाने से आगे बढ़कर उनका नियमित और आत्मविश्वास के साथ उनका उपयोग कर रहे हैं। वे कहते हैं, देश के अंतिम छोर तक डिजिटल भुगतान का प्रचलन लागतार बढ़ रहा है। एमएसएमई और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। हमें लगता है कि आनेवाले दिनों में यूपीआई लेनदेन में यह क्षेत्र अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।