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G-20: राजीव चंद्रशेखर बोले- डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुरक्षा का मुद्दा वैश्विक चुनौती, आर्थिक वृद्धि पर असर

Tue, 13 Jun 2023 02:47 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पुणे।

सार

ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) शिखर सम्मेलन में जी-20 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था की सुरक्षा कोई घरेलू मुद्दा नहीं है और न ही इसमें चुनिंदा सहयोग से काम चल पाएगा।
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केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर। - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब@Rajeev_GoI
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विस्तार
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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुरक्षा का मुद्दा एक वैश्विक चुनौती है और इससे निपटने के लिए मिलजुलकर काम करने की जरूरत है। वह यहां महाराष्ट्र में तीसरी डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप (DEWG) की बैठक में ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) शिखर सम्मेलन में जी-20 प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।

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सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था की सुरक्षा कोई घरेलू मुद्दा नहीं है और न ही इसमें चुनिंदा सहयोग से काम चल पाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुरक्षा के घरेलू, कानूनी, तकनीकी और आर्थिक पहलुओं में सुधार के लिए एक साझा समझ तैयार करनी होगी।

उपभोक्ता के विश्वास और व्यापार की विश्वसनीयता को नुकसान
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य-प्रौद्योगिकी, वित्तीय-प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटरनेट आधारित कंपनियों के पास अब उपभोक्ताओं के बारे में तमाम संवेदनशील एवं व्यक्तिगत जानकारियां हैं। इनमें साइबर अपराध के सबसे ज्यादा मामले वित्तीय सेवा क्षेत्र में सामने आते हैं जबकि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और सोशल मीडिया से संबंधित अपराध उसके बाद हैं। मंत्री ने कहा कि ये प्रमुख क्षेत्र हैं जहां डाटा का उल्लंघन न केवल आर्थिक लागत का कारण बनता है बल्कि उपभोक्ता के विश्वास और व्यापार की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाता है।
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डिजिटल कायाकल्प एवं आर्थिक वृद्धि पर असर
चंद्रशेखर ने कहा, इन कंपनियों के पास मौजूद आंकड़े में सेंधमारी, फिरौती के लिए साइबर हमले और सेवा रोकने वाले हमले आम लोगों, व्यवसायों के साथ सरकारों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। ऐसे अपराधों से उपभोक्ताओं का भरोसा कम होने का असर आखिरकार डिजिटल कायाकल्प एवं आर्थिक वृद्धि पर ही पड़ेगा।

चंद्रशेखर ने कहा कि बड़ी कंपनियों के पास लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए अपने सुरक्षा तंत्र को लगातार अपडेट करने के संसाधन हैं, लेकिन छोटे व्यवसायों यानी स्टार्टअप और एमएसएमई से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती है, जो नवाचार (Innovation) में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा, चूंकि डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुरक्षा एक वैश्विक चुनौती है और इससे निपटने के लिए एक साझेदारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। जिसमें विश्वास बनाने, जागरूकता में सुधार करने और डिजिटल समाधान प्रदान करने के लिए सरकारें, व्यवसाय और विकास संस्थान शामिल हों।

सुरक्षा एजेंडे के बारे में विस्तार से बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे पहले, सरकार के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह उन सुरक्षा खतरों का पता लगाए जो नवाचार में बाधा डालते हैं और आवश्यक सेवाओं पर भरोसा करें। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि डिजिटलीकरण के वर्तमान युग में यह महत्वपूर्ण है कि देश उद्योग की बदलती मांगों के अनुसार डिजिटल स्किलिंग, अपस्किलिंग और रीस्किलिंग के लिए अपनी रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन और सुधार करने में निवेश करे।

उन्होंने कहा, मेरा दृढ़ विश्वास है कि जी20 को सक्रिय रूप से इन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए और वैश्विक कार्यबल को लाभ पहुंचाने वाले परिणामों को प्राप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) कार्यान्वयन के ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने और वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था की उन्नति के लिए एक उत्कृष्ट अवसर है।

उन्होंने कहा कि भारत कार्यक्रमों को सक्षम बनाने के अपने प्रयासों के साथ-साथ वैश्विक मानक साइबर कानून ढांचे के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए कई नीतियों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है। चंद्रशेखर ने नौ देशों के मंत्रियों की उपस्थिति में वैश्विक डीपीआई शिखर सम्मेलन और वैश्विक डीपीआई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। वैश्विक डीपीआई शिखर सम्मेलन में लगभग 50 देशों और 150 विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। नौ देशों ने मंत्री स्तर पर भाग लिया।

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सट्टेबाजी व लत से जुड़े ऑनलाइन गेम पर लगेगी पाबंदी : चंद्रशेखर

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि सरकार ने पहली बार ऑनलाइन गेमिंग को लेकर एक रूपरेखा तैयार की है। इससे सट्टेबाजी, उपयोगकर्ताओं के लिए हानिकारक और लत से जुड़े गेम को देश में प्रतिबंधित किया जाएगा।

चंद्रशेखर ने कहा कि रूपरेखा के तहत हम देश में 3 तरह के खेलों की इजाजत नहीं देंगे। ऐसे खेल जिनमें सट्टेबाजी शामिल है या उपयोगकर्ता के लिए हानिकारक हो सकता है और जिसमें लत का कारक शामिल है, देश में प्रतिबंधित कर किए जाएंगे। हालांकि उन्होंने इन खेलों की सूची नहीं बताई। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक को विनियमित करेगी कि यह ‘डिजिटल नागरिकों’ को नुकसान न पहुंचाए।  एजेंसी
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