सरकार देश में विशेषरूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों को प्रोत्साहन देने को प्रतिबद्ध है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने यह बात कही। गडकरी ने भरोसा जताया कि पांच साल के अंदर भारत दुनिया में वाहनों के लिए शीर्ष विनिर्माण केंद्र होगा।
एमएसएमई क्षेत्र को काफी अवसर उपलब्ध होंगे- गडकरी
उन्होंने कहा कि, 'हम सौर ऊर्जा उपलब्ध कराकर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ा बाजार बनाएंगे।' उन्होंने विदेशी निवेशकों को भारत के एमएसएमई क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई क्षेत्र को काफी अवसर उपलब्ध होंगे जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा विनिर्माण केंद्र बन सकेगा।
भारत में बिजली उत्पादन को लेकर व्यापक क्षमता
'आत्मनिर्भर भारत-सौर और एमएसएमई में अवसर' पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छी पृष्ठभूमि वाली एमएसएमई इकाइयों को पूंजी बाजार में उतरने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहन कबाड़ नीति में निवेश के बड़े अवसर हैं। मंत्री ने इस बात का जिक्र किया कि भारत में बिजली उत्पादन को लेकर व्यापक क्षमता है।
उन्होंने कहा कि भारत में सौर बिजली की दर 2.40 रुपये प्रति यूनिट है और बिजली की वाणिज्यिक दर 11 रुपये प्रति यूनिट है। सौर ऊर्जा के जरिए उत्पादित सस्ती बिजली का इस्तेमाल वाहनों और अन्य विकास कार्यों में किया जाता है।
किया 'मेक इन इंडिया' अपनाने का आह्वान
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घरेलू वाहन उद्योग से 'मेक इन इंडिया' अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वाहनों के कल-पुर्जों का आयात नहीं होना चाहिए और सभी उपकरण देश में वाजिब दाम पर उपलब्ध होने चाहिए। एमएसमएमई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि, 'नई प्रौद्योगिकी अपनाकर हम नया बाजार बनाने, अधिक लाभ अर्जित करने और ज्यादा रोजगार सृजित करने जा रहे हैं।'