Jalvahak: केंद्रीय बंदरगाह, पोत-परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता में जीआर जेट्टी से मालवाहक जहाजों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और जहाजों की निर्धारित सेवा का उद्घाटन किया।
केंद्र सरकार ने अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से माल की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए रविवार को 'जलवाहक' योजना शुरुआत की। यह योजना राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा), 2 (ब्रह्मपुत्र) और 16 (बराक नदी) पर टिकाऊ और लागत प्रभावी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विज्ञापन
केंद्रीय बंदरगाह, पोत-परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता में जीआर जेट्टी से मालवाहक जहाजों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और जहाजों की निर्धारित सेवा का उद्घाटन किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य अंतर्देशीय जलमार्गों की व्यापार क्षमता को खोलने के साथ-साथ रसद लागत को कम करना और सड़क और रेल नेटवर्क पर भीड़-भाड़ कम करना है।
इनमें से दो जाहज इंडो बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट (आईबीपीआर) के जरिए कोलकाता में जीआर जेटी से गुवाहाटी में पांडु तक 1,500 टन सीमेंट ले जा रहा है। एक अन्य जाहज 1,000 टन जिप्सम पटना ले जा रहा है जबकि तीसरा जहाज एमवी होमी भाभा 200 टन कोयला वाराणसी ले जा रहा है।
विज्ञापन
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत जलमार्गों के माध्यम से 300 किलोमीटर से अधिक दूरी तक माल परिवहन करने वाले कार्गो मालिकों को परिचालन लागत पर 35 प्रतिशत तक की प्रतिपूर्ति मिलेगी। यह योजना तीन वर्षों तक वैध रहेगी। इस योजना से पश्चिम बंगाल से पटना, बनारस और गुवाहाटी तक जलमार्ग से माल की ढुलाई लागत में कमी आएगी।
इस योजना को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और भारतीय शिपिंग निगम की अनुषंगी कंपनी अंतर्देशीय और तटीय शिपिंग लिमिटेड (आईसीएसएल) द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित किया जाएगा। निश्चित समय वाली नौकायन सेवा कोलकाता-पटना-वाराणसी और कोलकाता-पांडु (गुवाहाटी) मार्गों के बीच जहाजों को चलाएगी।