केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने के लिए तैयार हैं। लोकसभा में सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश करेंगी। ये आम बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत NDA सरकार के तीसरे कार्यकाल में तीसरा बजट है। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की विकास दर दर्ज कर रही है, लेकिन साथ ही वैश्विक भू-राजनीतिक वातावरण अनिश्चित बना हुआ है।
बजट तैयार करने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अहम भूमिका है। इसके साथ ही, वित्त मंत्रालय में अनुभवी नौकरशाहों की एक टीम वित्त मंत्री को इस महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज को अंतिम रूप देने में सहायता कर रही है। यह टीम राजकोषीय अनुशासन, राजस्व जुटाने और आर्थिक सुधारों के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बजट 2026-27 को तैयार करने वाले प्रमुख चेहरे
वित्त मंत्रालय के छह विभागों के सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार इस बजट निर्माण प्रक्रिया के प्रमुख स्तंभ हैं:
1. अनुराधा ठाकुर: बजट की मुख्य सूत्रधार
आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर इस बजट की प्राथमिक शिल्पकार मानी जा रही हैं। वह बजट दस्तावेजों को तैयार करने वाले बजट प्रभाग का नेतृत्व करती हैं और संसाधनों के आवंटन व मैक्रो-इकोनॉमिक ढांचे को तय करने वाली प्रमुख अधिकारी हैं।
• महत्वपूर्ण जिम्मेदारी: 1994 बैच की हिमाचल प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी अनुराधा ठाकुर ने 1 जुलाई, 2025 को विभाग की कमान संभाली थी। विशेष बात यह है कि वह इस विभाग का नेतृत्व करने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं। बतौर सचिव यह उनका पहला बजट होगा।
2. अरविंद श्रीवास्तव: टैक्स प्रस्तावों की जिम्मेदारी
राजस्व सचिव के रूप में अरविंद श्रीवास्तव बजट भाषण के 'भाग बी' (Part B) के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें कर प्रस्ताव शामिल होते हैं। उनकी टीम प्रत्यक्ष कर (आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स) और अप्रत्यक्ष कर (जीएसटी, सीमा शुल्क) का प्रबंधन करती है।
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अनुभव: हालांकि राजस्व सचिव के रूप में यह उनका पहला बजट है, लेकिन वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (बजट) और पीएमओ में वित्त मंत्रालय से संबंधित मामलों को संभालने का उनका पुराना अनुभव महत्वपूर्ण होगा। टीडीएस और सीमा शुल्क के युक्तिकरण की उम्मीदों के बीच राजस्व जुटाने में उनकी भूमिका अहम है।
3. वुमलुनमंग वुलनाम: सरकारी खजाने के संरक्षक
व्यय सचिव वुमलुनमंग वुलनाम 'सरकारी खजाने के संरक्षक' के रूप में कार्य करते हैं। उनका मुख्य कार्य राजकोषीय घाटे का प्रबंधन करना, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाना और केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करना है।
4. एम नागराजू: बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू सरकार की वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को आगे बढ़ाने में शामिल हैं। उनका विभाग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन प्रणालियों के वित्तीय स्वास्थ्य की निगरानी करता है, जो क्रेडिट ग्रोथ और डिजिटल अपनाने के एजेंडे को चलाने के लिए महत्वपूर्ण है।
5. अरुणिश चावला: विनिवेश और सीपीएसई
अरुणिश चावला (DIPAM सचिव): सरकार के विनिवेश और निजीकरण के रोडमैप के लिए जिम्मेदार हैं। सीपीएसई में हिस्सेदारी बेचकर गैर-कर राजस्व लक्ष्य हासिल करना इनका कार्यक्षेत्र है।
6. के मूसा चालई: लोक उद्यम विभाग सचिव
के मूसा चालई का काम कार्य चुनिंदा सीपीएसई की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) योजनाओं और संपत्ति मुद्रीकरण (असेट मोनेटाइजेशन) की निगरानी करना है।
7. मुख्य आर्थिक सलाहकार की भूमिका
इन प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा, मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन का कार्यालय बजट के लिए व्यापक मैक्रो-इकोनॉमिक संदर्भ प्रदान करता है। उनका कार्यालय आर्थिक विकास का पूर्वानुमान लगाने, कृषि, उद्योग और सेवा जैसे क्षेत्रों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और वैश्विक जोखिमों का आकलन करने के साथ-साथ राजकोषीय नीति पर वित्त मंत्री को सलाह देता है।
आगामी बजट में विकास की गति को बनाए रखने और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने की दोहरी चुनौती होगी। अनुराधा ठाकुर और अरविंद श्रीवास्तव जैसे नए नेतृत्व और अनुभवी नौकरशाहों का यह मिश्रण भारत की आर्थिक नीति की दिशा तय करने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।