वर्ष 2019 में बजट पेश करने से पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।
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# पर्सनल लोन पर छूट
पर्सनल लोन और एजुकेशन लोन की भारतीय लेंडिंग मार्केट में 35 पर्सेंट हिस्सेदारी है। हालांकि आयकर अधिनियम की धारा 80ई के तहत शिक्षा ऋण के ब्याज पर छूट मिलती है पर व्यक्तिगत ऋण लेने वालों को ऐसा कोई प्रोत्साहन या छूट प्रदान नहीं किया जाता है। ऐसे में नौकरीपेशा वर्ग उम्मीद कर रहा है कि वित्त मंत्री इस मामले में कुछ सुखद ऐलान करें।
# समान पूंजी लाभ (Capital Gain) टैक्स
भारत में निवेश करने के लिए उपलब्ध विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों के साथ प्रत्येक परिसंपत्ति वर्ग की एक अलग पूंजीगत लाभ संरचना होती है। उन पर अलग-अलग कैपिटल गेन टैक्स लगता है। यह स्थिति अक्सर करदाताओं के लिए पूंजीगत लाभ पर अपनी कर देयता का आकलन करना मुश्किल बना देती है। इस लिए नौकरीपेशा वर्ग चाहती है कि आगामी केंद्रीय बजट में कैपिटल गेन टैक्स की समान दर हो। इस पर भी सैलरी पाने वाले वर्ग की नजर बनी रहेगी।
# चुनावी साल के पहले सरकार कर सकती है बड़ी घोषणा
बजट 2023-24, 2024 के चुनावों से पहले मोदी सरकार का अंतिम केंद्रीय बजट, संभावित आर्थिक लाभों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ करदाताओं के लिए फायदेमंद होने की उम्मीद है। वेतनभोगी वर्ग आगामी बजट में सरकार से स्वास्थ्य सेवा, सेवानिवृत्ति, सेवानिवृत्ति के बाद मातृत्व लाभ जैसे दीर्घकालिक लाभों की उम्मीद करता है। वेतनभोगी कर्मचारियों को उम्मीद है कि बजट 2023 में घर से काम करने की संस्कृति और कोविड-19 के बाद उच्च किराये को समायोजित करने के लिए आवास किराया भत्ता से जुड़ी को घोषणा हो। जानकारों के अनुसार बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण और बचत और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए, धारा 80 सी कटौती सीमा (जो वर्तमान में 150,000 रुपये है) बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है।