संसद (सांकेतिक तस्वीर)।
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क्या 80C के तहत मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ाई जाएगी?
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत हर साल करदाताओ को अपने निवेश पर 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती है। टैक्सपेयर्स इस लिमिट को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर बजट में सरकार इसपर फैसला लेती है, तो टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिलेगी। PPF, ELSS, NSC, NPS, बैंक FD जैसे सेविंग स्कम्स पर इसी 80C के तहत करदाताओं को राहत मिलती है।
2014-15 में 80C के तहत छूट की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख की गई थी
आखिरी बार साल 2014 में सरकार ने टैक्स फ्री इनकम और सेक्शन 80C की लिमिट बढ़ाई थी। पिछली बार वित्त वर्ष 2014-15 में इस सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये किया गया था। उसके बाद से इसकी सीमा नहीं बदली गई है। उम्मीद है कि 2024 के आम चुनावों के पहले सरकार कार 80C की लिमिट बढ़ाकर करदाताओं को खुश कर सकती है।
ICAI ने सरकार को 80C की लिमिट बढ़ाने का दिया था सुझाव
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने अपने प्री-बजट मेमोरेंडम 2023 में सुझाव दिया है कि आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80सी के तहत कर कटौती की सीमा बजट 2023 में मौजूदा 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये किया जाना चाहिए। ICAI ने कहा कि धारा 80सी की कटौती सीमा में बढ़ोतरी जनता को बड़े पैमाने पर बचत के अवसर प्रदान करेगी।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में इजाफा पर क्या फैसला लेगी सरकार?
आयकर की धारा 16 (ia) के तहत नौकरीपेशा वर्ग को 50,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा दी जा रही थी। इसे बढ़ाकर 52250 कर दिया गया है। नौकरीपेशा वर्ग के लोग इसमें बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं। लोगों का अनुमान था कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन सीमा को 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये किया जाएगा। पर ऐसा नहीं किया गया है।