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भुलावे से कम नहीं 75 साल से ज्यादा के बुजुर्गों के लिए रिटर्न से छूट की घोषणा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 02 Feb 2021 06:23 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

आम बजट-2021 से ज्यादातर लोग निराश हो सकते हैं, लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को लेकर की गई घोषणा भी उन्हें खुश नहीं कर सकेगी। बजट प्रस्ताव में उन बुजुर्गों को आयकर रिटर्न भरने की छूट दी गई है, जिनकी आय सिर्फ पेंशन से या बैंकों में सावधि जमा यानी एफडी से होती है। सच्चाई यह है कि यदि एफडी से ब्याज पर आय कर योग्य है तो बैंक पहले ही स्रोत पर कर कटौती कर लेते हैं। ऐसे में बुजुर्गों को आयकर रिफंड प्राप्त करने के लिए रिटर्न दाखिल करना ही होगा।

दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण में अपने बजट भाषण में यह घोषणा की है कि 75 वर्ष या इससे अधिक आयु वाले बुजुर्गों या पेंशनधारकों को टैक्स रिटर्न नहीं भरना पड़ेगा। परंतु यह घोषणा जमीनी स्तर पर कितनी कामायब होगी यह आने वाले दिनों में पता चलेगा। हालांकि इस रिटर्न छूट को पाने के लिए भी कई शर्तें रखी गई हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें...

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आम बजट-2021 से ज्यादातर लोग निराश हो सकते हैं, लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को लेकर की गई घोषणा भी उन्हें खुश नहीं कर सकेगी। बजट प्रस्ताव में उन बुजुर्गों को आयकर रिटर्न भरने की छूट दी गई है, जिनकी आय सिर्फ पेंशन से या बैंकों में सावधि जमा यानी एफडी से होती है। सच्चाई यह है कि यदि एफडी से ब्याज पर आय कर योग्य है तो बैंक पहले ही स्रोत पर कर कटौती कर लेते हैं। ऐसे में बुजुर्गों को आयकर रिफंड प्राप्त करने के लिए रिटर्न दाखिल करना ही होगा।

दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण में अपने बजट भाषण में यह घोषणा की है कि 75 वर्ष या इससे अधिक आयु वाले बुजुर्गों या पेंशनधारकों को टैक्स रिटर्न नहीं भरना पड़ेगा। परंतु यह घोषणा जमीनी स्तर पर कितनी कामायब होगी यह आने वाले दिनों में पता चलेगा। हालांकि इस रिटर्न छूट को पाने के लिए भी कई शर्तें रखी गई हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें...

क्या है मौजूदा नियम

मौजूदा आयकर प्रावधानों के अनुसार बुजुर्गों को पांच लाख रुपये सालाना आय पर टैक्स में छूट हैं, लेकिन बैंकों द्वारा उनकी सावधि जमा पर टीडीएस काट लिया जाता है और कर छूट पाने के लिए उन्हें रिटर्न भरने के बाद आयकर विभाग से रिफंड दिया जाता है। यदि सच में सरकार बुजुर्गों को आईटीआर की झंझट से मुक्ति दिलाना चाहती है तो उसे बैंकों के लिए इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने होंगे, ताकि उनकी कर छूट वाली आय पर बैंक टीडीएस न काटें। इसके बगैर यह कोरी घोषणा बन कर रह जाएगी।

इन्हें मिल सकती है राहत

यदि सरकार की इस घोषणा का आशय समझें तो यह पता चलता है कि बैंकों से मामूली ब्याज व पेंशन पाने वाले 75 साल से ज्यादा के बुजुर्ग इस छूट के हकदार हो सकते हैं। उन्हें फौरी तौर पर आयकर रिटर्न की झंझट से मुक्ति मिल सकती हैं, अन्य को तो रिटर्न भरना होगा, तभी वह कर छूट का लाभ ले सकेंगे।
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