आर्थिक सुस्ती और विकास दर के सबसे कम होने के बीच पेश हो रहे इस बार के बजट में कई सेक्टर्स को उम्मीद है कि उनके लिए वित्त मंत्री बेल आउट पैकेज की घोषणा कर सकती हैं। सुस्ती की वजह से फिलहाल ऑटो, बैंकिंग, रियल एस्टेट और विमानन सेक्टर मुश्किल के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में इन सेक्टर्स के लिए बेलआउट पैकेज की उम्मीद की जा सकती है। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फिनटेक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं।
फिनटेक कंपनी मनीटैप के सीईओ व सह-संस्थापक बाला पार्थसरथी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि मौजूदा मंदी के कारण खपत फिर से बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में आयकर में कटौती या मध्य-आय वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव से लाभ हो सकता है।
रूपीरेडी और फिंकफ्रेंड्स के एमडी जितिन भसीन ने बातचीत में कहा कि जब बात पूरे देश में वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रोडक्ट्स की पेशकश की बात आती है तो फिनटेक इंडस्ट्री की भूमिका महत्वपूर्ण है। बिजनेस मॉडल और ग्राहकों के लिए मूल्य प्रस्ताव को मजबूती देने के लिए उद्योग आगामी बजट 2020 में इस क्षेत्र के लिए अलग से उपाय की उम्मीद कर रहा है।
क्यूबेरा के संस्थापक और सीईओ आदित्य कुमार ने बातचीत में कहा कि बाजार से आने वाली बड़े पैमाने की मांग की वजह से फिनटेक लैंडिंग सेक्टर भारत में तेजी से फल-फूल रहा है। उभरते स्टार्टअप्स को फंडिंग करने वाले निवेशकों के लिए मौजूदा 30 फीसदी से एंजिल टैक्स की दर को कम करना और स्थापित स्टार्टअप्स पर कर के बोझ को आगामी बजट में कम करना ऐसे कदम हैं, जो फिनटेक लैंडर्स के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे।
सरकार को स्टार्टअप को सहजता से फंडिंग जुटाने और 2020-21 व आने वाले वर्षों में विकास से जुड़ी अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए एक इनोवेशन फंड की स्थापना का विकल्प भी देखना चाहिए।