फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) क्षेत्र की कंपनियों ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से बजट में अपने लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब जनता के हाथ में पैसा होगा तभी वे खर्च करने की ओर बढ़ेंगे जिसका सीधा लाभ एफएमसीजी क्षेत्र को होगा। एफएमसीजी क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी एमवे इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अंशु बुद्धराजा का कहना है कि भारत में एफएमसीजी क्षेत्र में पिछले साल सुस्त वृद्धि के कारण उपभोक्ता मांग, कृषि क्षेत्र की कम आय और तरलता की कमी जैसे लक्षण देखे गए।
एफएमसीजी क्षेत्र की घरेलू कंपनी आद्विक फूड्स के सह संस्थापक श्रेय कुमार का कहना कि बजट के जरिये सरकार रोजगार सृजन और ग्रामीण इलाकों में आमदनी बढ़ाने पर जोर दे। इससे एफएमसीजी क्षेत्र में मांग बढ़ेगी। साथ ही छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए ऋण सुविधाओं के विकास और सहूलियत पर ध्यान दिए जाने से भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। डेयरी उद्योग सीधे किसानों की आय और आजीविका को प्रभावित करता है। देसी डेयरी कंपनियों को इन देशों में उत्पादों का निर्यात करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
कोट: जीएसटी परिषद फिलहाल दरों में कोई बड़ी राहत नहीं देने जा रही, ऐसे में सरकार को कंपनियों को ही राहत देनी होगी। इस कदम से कंपनियां भी आम आदमी तक कीमतें घटाकर उत्पाद पेश करने को प्रोत्साहित होंगी। इसका लाभ आम जन के साथ उद्योग जगत को भी होगा। इसके अलावा आईटी निर्यात और आईटी सेवाओं के निर्यात पर जारी संशय को भी दूर करना होगा। सरकार को मुकदमेबाजी में फंसे कर मामलों के जल्द निपटारे के लिए इनकम टैक्स एम्नेस्टी स्कीम लाने पर जोर देना चाहिए।