आज से शुरू हो रहे बजट सत्र में मोदी सरकार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण में पांच साल की उपलब्धियों को पेश करेगी। हर साल बजट सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होती है, जिसमें केंद्र सरकार पिछले साल की उपलब्धियों को पेश करती है।
चुनावी साल में लंबा होगा अभिभाषण
राष्ट्रपति द्वारा केंद्र सरकार की पिछले पांच साल की उपलब्धियों बताने से इस साल का अभिभाषण लंबा होगा। यह अभिभाषण संसद के केंद्रीय कक्ष (सेंट्रल हॉल) में होगा। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी और अभिभाषण समाप्त होने के बाद इसकी प्रति दोनों सदनों के पटल पर रखी जाएगी।
एक घंटे से ज्यादा का समय
इस बार अभिभाषण के लिए के एक घंटे से ज्यादा का समय तय किया गया है। संविधान के आर्टिकल 87 के अनुसार राष्ट्रपति को प्रत्येक लोकसभा चुनाव की समाप्ति और संसद में साल के पहले सत्र को संयुक्त तौर पर संबोधित करना होता है।
9 जनवरी को तैयार हो गया था ड्राफ्ट
हांलाकि संसदीय कार्य मंत्रालय ने 9 जनवरी को ही राष्ट्रपति के अभिभाषण का ड्राफ्ट तैयार कर लिया था। अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा और राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव की बहस में मौजूद रहेंगे और हिस्सा भी लेंगे। धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से दोनों सदन पास भी कर देते हैं।
तीन बार हुआ अभिभाषण में संशोधन
अभी तक केवल तीन बार ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर संशोधन देखने को मिला है। पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, वीपी सिंह और अटल बिहारी बाजपेयी में राज्यसभा में संशोधन करने के बाद ही इसे पास किया जा सका है। इस बार भी कांग्रेस पार्टी राफेल मुद्दे पर अभिभाषण में संशोधन की मांग कर सकती है।