वित्त मंत्री पीयूष गोयल लोकसभा में सुबह 11 बजे बजट को पेश करेंगे। हालांकि यह अंतरिम बजट होगा या फिर पूर्ण बजट यह अब से कुछ घंटों में आपको पता चल जाएगा। हालांकि वित्त मंत्री एक बड़ा सरप्राइज भी लोगों को दे सकते हैं।
वित्त मंत्री आगामी आम चुनावों के ठीक पहले भारतीय मतदाताओं की अपेक्षाओं को ध्यान रखा जाना जरूरी है। उम्मीद है कि यह बजट किसानों की कल्याणकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों पर केंद्रित होगा। एजेंडा में शामिल प्रमुख चीज़ों में ढांचागत विकास को आगे बढ़ाने, रोजगार का सृजन करने और मध्य वर्ग के लिए आयकर छूटों से जुड़ी नीतियाँ शामिल होंगी।
कार्वी प्राइवेट वेल्थ के क्षेत्रीय हेड उत्तर और पूर्व, विक्रम छोकर ने amarujala.com से बात करते हुए कहा कि कृषि ऋण माफी, किसानों को सीधे मौद्रिक सहायता और सब्सिडी पर उपलब्ध उर्वरक के साथ-साथ उच्च समर्थन मूल्यों की घोषणा और आसान लॉजिस्टिक्स पर बजट में ध्यान दिया जायेगा, ताकि ग्रामीण आय बढ़ाई जा सके और उनको प्रोत्साहन मिल सके। रोजगार सृजन एक अन्य प्रमुख क्षेत्र होगा, जिसमें घोषणाएं किये जाने की उम्मीद हैं।
कम हो सकती है आयकर की स्लैब
यद्यपि प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष करारोपण का राजस्व बजट में बताये आंकड़ों से कम रहा है लेकिन उम्मीद है कि मध्य वर्ग के करारोपण की दृष्टि से, करों को कम किये जाने से खपत बढ़ेगी। सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) कम होने की बाहरी संभावनाओं के साथ, पूरे देश में लगभग 15 फीसदी का संभावित सिंगल जीएसटी रेट से इक्विटी बाजार को प्रोत्साहन मिलेगा।
यूलिप, म्यूचुअल फंड में बढ़ सकता है निवेश
यूनिट लिंक्ड प्लांस (यूलिप) जैसी पॉलिसीज पर करारोपण कर, म्युचुअल फंड और बीमा की स्कीम्स के बीच समान करारोपण सुनिश्चित करने के लिए अन्य परिवर्तन किया जा सकता है। आयुष्मान भारत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को प्राथमिकता दी जा सकती है। चूंकि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक जोर दिया जा रहा है।
छोटे कारोबारियों, रियल इस्टेट पर नजर
एसएमई/एमएसएमई क्षेत्र के लिए ऋण-उपलब्धता और लॉजिस्टिक सुधार को बेहतर बनाकर इस क्षेत्र पर अपेक्षित ध्यान दिया जायेगा। आवासीय रियल इस्टेट क्षेत्र को भी उच्च कर कटौती और ऋण की आसान उपलब्धता के रूप में बजट में सहायता मिल सकती है।
अंत में, यद्यपि वित्तीय सीमाओं के चलते सरकार के हाथ बंधे हो सकते हैं, सरकार से उम्मीद है कि वो ऐसे साहसिक कदम उठायेगी, जिससे दीर्घकालिक रूप से आर्थिक वृद्धि में मदद् मिलेगी।