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Unemployment: भारत में बेरोजगारी दर छह साल के निचले स्तर पर, एनएसएसओ की वार्षिक रिपोर्ट जारी

Tue, 10 Oct 2023 02:44 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिपोर्ट के अनुसार बेरोजगारी दर का मतलब है कि उपलब्ध मानव श्रम में से कितने प्रतिशत के पास काम नहीं है। एनएसएसओ अप्रैल 2017 से यह रिपोर्ट जारी करता आ रहा है, इस बार इसका छठवां संस्करण है।
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विस्तार
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देश में 15 साल से अधिक उम्र के नागरिकों में बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत दर्ज हुई है। यह 6 साल में सबसे कम है। यह आंकड़ा एनएसएसओ की ताजा आवधिक श्रम बल रिपोर्ट (पीएलएफएस) में जुलाई 2022 से जून 2023 के आधार पर जारी किया गया है। वहीं पिछले साल बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत थी। वहीं 2020-21 में यह दर 4.2 प्रतिशत, 2019-20 में 4.8 प्रतिशत और 2018-19 में 5.8 और 2017-18 में 6 प्रतिशत थी। रिपोर्ट के अनुसार बेरोजगारी दर का मतलब है कि उपलब्ध मानव श्रम में से कितने प्रतिशत के पास काम नहीं है। एनएसएसओ अप्रैल 2017 से यह रिपोर्ट जारी करता आ रहा है, इस बार इसका छठवां संस्करण है।

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आबादी के 57.9% लोग काम कर रहे
कामकाजी उम्र की कुल आबादी में 57.9 प्रतिशत लोग श्रम शक्ति में भागीदारी कर रहे हैं। यह संख्या 2017-18 में 49.8 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 50.7 से बढ़कर 60.8 प्रतिशत तो शहरों में 47.6 प्रतिशत से 50.4 प्रतिशत हुई है। पुरुषों की 78.5 प्रतिशत संख्या श्रम शक्ति में भागीदारी कर रही है, यह संख्या 2017-18 में 75.8 प्रतिशत थी। 37 प्रतिशत महिलाएं ही श्रम शक्ति का हिस्सा हैं, 2017-18 में इनकी संख्या 23.3 प्रतिशत थी। श्रमिक जनसंख्या अनुपात 56 प्रतिशत दर्ज हुआ, 2017-18 में यह 46.8 प्रतिशत था। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 48.1 से बढ़कर 59.4 प्रतिशत तो शहरों में 43.9 से बढ़कर 47.7 प्रतिशत हो गया है।

गांवों में 5 साल में तेजी से हुआ सुधार
रिपोर्ट ने यह भी बताया कि गांवों में बेरोजगारी कम है। यहां 2017-18 में 5.3 प्रतिशत बेरोजगारी थी, 2022-23 में यह महज 2.4 प्रतिशत रह गई। शहरों में इसी दौरान बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत से घट कर 5.4 प्रतिशत पर आई। यानी गांवों में सुधार भी ज्यादा आ रहा है। इसी तरह साल 2017-18 में 6.1 प्रतिशत भारतीय पुरुष बेरोजगार थे, जो अब 3.3 प्रतिशत रह गए हैं। महिलाओं में बेरोजगारी दर भी 6.6 प्रतिशत से घटकर 2.9 प्रतिशत पर आ गई है।
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अप्रैल-जून तिमाही में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी एक फीसदी घटकर 6.6%
देश में इस साल अप्रैल-जून तिमाही में शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की बेरोजगारी दर सालाना आधार पर एक फीसदी घटकर 6.6 फीसदी रही। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के मुताबिक, एक साल पहले की समान अवधि में यह 7.6 फीसदी रही थी। 

अप्रैल-जून, 2022 में बेरोजगारी दर इसलिए अधिक थी, क्योंकि देश में कोरोना के कारण पाबंदियां थीं। जनवरी-मार्च, 2023 में बेरोजगारी दर 6.8 फीसदी और 2022 की जुलाई-सितंबर व अक्तूबर-दिसंबर में यह 7.2% रही थी।

श्रम भागीदारी में भी इजाफा
शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए वर्तमान साप्ताहिक स्थिति में श्रमबल भागीदारी अप्रैल-जून, 2023 में बढ़कर 48.8 फीसदी पहुंच गई। एक साल पहले यह 47.5 फीसदी थी।

महिलाओं व पुरुषों के मोर्चे पर भी मिली राहत
सर्वेक्षण के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) के बीच बेरोजगारी दर अप्रैल-जून, 2023 में घटकर 9.1 फीसदी रह गई। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 9.5 फीसदी थी। 

शहरी क्षेत्रों में पुरुषों में बेरोजगारी दर अप्रैल-जून, 2023 में घटकर 5.9 फीसदी रह गई, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 7.1 फीसदी रही थी। जनवरी-मार्च, 2023 में यह 6 फीसदी, अक्तूबर-दिसंबर, 2022 में 6.5 फीसदी और जुलाई-सितंबर, 2022 में 6.6 फीसदी थी।

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