यूके की सरकार ने वीजा नीति में बदलाव करने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने कहा है कि सरकार ब्रिटिश युनिवर्सिटी में पढ़ रहे विदेशी छात्रों के लिए वर्क वीजा दो साल तक बढ़ा सकती है। इससे यूके में ज्यादा विदेशी छात्र पढ़ने जाएंगे। भारतीय छात्रों को भी इससे काफी फायदा होगा।
यह योजना साल 2012 में भी लाई गई थी, लेकिन पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने इसे रद्द कर दिया था। साल 2010 में 51,218 भारतीय ब्रिटेन में पढ़ने गए थे। लेकिन थेरेसा मे के इस कदम से ये संख्या साल 2011 में घटकर 22,757 हो गई थी। एक साल में इसमें 55 फीसदी की गिरावट आई थी। साल 2017-18 के बीच में इसमें और गिरावट आई थी। तब महज 15,388 भारतीय बच्चे ही ब्रिटेन पढ़ने के लिए गए थे। हालांकि पिछले साल संख्या में थोड़ा इजाफा हुआ था। पिछले वर्ष 21,881 भारतीय बच्चे ब्रिटेन पढ़ने गए थे।