फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UK-India FTA: 15 जुलाई से लागू होगा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

Wed, 17 Jun 2026 08:39 PM IST
Pavan बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

UK-India FTA: भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, कई उत्पादों पर शुल्क कम होगा और पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा संबंधी राहत मिलेगी। इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
विज्ञापन
भारत-यूके एफटीए पर बोले पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 15 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगा। दोनों देशों ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत और ब्रिटेन के कारोबारियों को बड़े स्तर पर शुल्क (टैरिफ) में राहत मिलेगी और दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी। यह समझौता हस्ताक्षर होने के बाद सबसे तेजी से लागू होने वाले व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है। अब कारोबारियों के पास इसकी तैयारियां पूरी करने के लिए 28 दिन का समय है।
विज्ञापन


व्यापार में होगा बड़ा इजाफा
ब्रिटेन सरकार के अनुसार, इस समझौते से लंबे समय में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) में लगभग 4.8 अरब पाउंड की बढ़ोतरी होगी। वहीं, वास्तविक मजदूरी में 2.2 अरब पाउंड का इजाफा होने का अनुमान है। इसके अलावा भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार हर साल 25.5 अरब पाउंड तक बढ़ सकता है।

यह भी पढ़ें- Modi-Trump Meet: PM ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, ट्रंप बोले- मोदी अपनी शर्तें मनवाने में सख्त
विज्ञापन


कई उत्पादों पर कम होगा शुल्क
इस समझौते के तहत कई ब्रिटिश उत्पादों पर भारत में लगने वाले आयात शुल्क में बड़ी कटौती की जाएगी।
  • ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटाकर 40% किया जाएगा।
  • ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शुल्क 100% से घटाकर 10% किया जाएगा, हालांकि यह निर्धारित कोटा के तहत होगा।
  • कॉस्मेटिक उत्पादों पर लगने वाला 22% तक का शुल्क समाप्त किया जाएगा या चरणबद्ध तरीके से खत्म होगा।

भारतीय उत्पादों को भी मिलेगा फायदा
ब्रिटेन भी भारत से आने वाले कई उत्पादों पर शुल्क कम करेगा। इसमें कपड़े, जूते-चप्पल और कुछ खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। ब्रिटेन का कहना है कि भारतीय सामान के आयात पर लागत कम होने से वहां के उपभोक्ताओं को सस्ते उत्पाद और अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

पेशेवरों और कर्मचारियों को भी राहत
समझौते के साथ ही यूके-इंडिया डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट भी लागू होगा। इसके तहत काम के लिए भारत जाने वाले ब्रिटिश नागरिकों और ब्रिटेन जाने वाले भारतीय पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा योगदान को लेकर राहत मिलेगी। अब ब्रिटेन से भारत आने वाले कर्मचारी 36 महीने की बजाय 60 महीने तक केवल अपने देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में योगदान दे सकेंगे और उन्हें भारत में अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा भुगतान नहीं करना होगा। यही सुविधा भारतीय पेशेवरों को भी मिलेगी।

ब्रिटिश मंत्री ने क्या कहा?
ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय मंत्री पीटर काइल ने कहा कि सरकार चाहती है कि व्यवसाय और आम लोग इस समझौते का लाभ जल्द से जल्द महसूस करें। उनके अनुसार, पहले ही वर्ष में करीब 40 करोड़ पाउंड के शुल्क में कटौती का फायदा मिलेगा। उन्होंने कारोबारियों से अपील की कि वे अगले 28 दिनों में जरूरी पंजीकरण और तैयारियां पूरी कर लें ताकि 15 जुलाई से समझौते का पूरा लाभ उठा सकें।

पीएम मोदी ने जताई खुशी
फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति देगा तथा आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाएगा।  पीएम मोदी ने कहा कि इस व्यापार समझौते से भारतीय किसानों, श्रमिकों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप्स और नवाचार क्षेत्र को बड़े अवसर मिलेंगे। उनका कहना है कि यह समझौता भारत के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार बढ़ेगा, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती मिलेगी। भारत और ब्रिटेन के बीच यह व्यापार समझौता लंबे समय से चल रही वार्ताओं के बाद अंतिम रूप दिया गया था। इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 15 जुलाई से इसके लागू होने के साथ ही भारतीय निर्यातकों और उद्योगों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन




यह भी पढ़ें- US-Iran Deal: 'अभी समझौता पक्का नहीं', ट्रंप ने ईरान को फिर चेताया, कहा- समझौता पसंद नहीं आएगा तो बरसाएंगे बम

भारत के लिए क्यों खास है समझौता?
ब्रिटेन का कहना है कि यह भारत द्वारा अब तक लागू किया गया सबसे व्यापक व्यापार समझौता होगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही भारतीय कंपनियों को ब्रिटिश बाजार और ब्रिटिश कंपनियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें