विस्तारा के बेड़े में कितने विमान हैं, जो अब एयर इंडिया से जुड़ेंगे?
यह विलय देश के तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन क्षेत्र में 2006-2007 के बाद दूसरा सबसे बड़ा विलय होगा। विस्तारा के विलय के बाद (जो अक्टूबर में AIX कनेक्ट के एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ विलय के बाद टाटा समूह का दूसरा महत्वपूर्ण एयरलाइन विलय भी है) एयर इंडिया एकमात्र भारतीय पूर्ण सेवा (फुल सर्विस) भारतीय एयरलाइन रह जाएगी। 2006-07 में इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में विलय हुआ और एयर सहारा का जेट एयरवेज में विलय हुआ। इसी दौरान एयर डेक्कन का किंगफिशर एयरलाइंस में विलय हुआ। 70 विमानों के बेड़े के साथ, विस्तारा प्रतिदिन लगभग 350 उड़ानें संचालित करती है और नवंबर 2022 में इसकी एयर इंडिया में विलय की घोषणा की गई।
विस्तारित एयर इंडिया के बेड़े में कितने विमान होंगे?
एक अधिकारी के अनुसार, विस्तारित एयर इंडिया के पास 208 विमानों का बेड़ा होगा जो 103 घरेलू और 71 अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर उड़ान भरेगा। यह 49 घरेलू और 42 अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान भरेगा। आने वाले महीनों में चौड़े शरीर वाले विमानों सहित और अधिक विमान बेड़े में शामिल हो जाएंगे। सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) ने शुक्रवार को कहा कि इस विलय से एसआईए की मल्टी-हब रणनीति मजबूत होगी, जिससे वह भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में सीधे भागीदारी जारी रख सकेगी।
क्या उड़ान के दौरान एयर इंडिया की सेवाओं का अनुभव बदलेगा?
पिछले महीने विस्तारा के चेयरमैन भास्कर भट ने कहा था कि एकीकृत इकाई दोनों एयरलाइनों की सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेगी और विस्तारा का स्वरूप कुछ समय तक बना रहेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या विस्तारा के यात्रियों को अब पहले जैसी ही सेवाएं मिलती रहेंगी उन्होंने कहा कि विलय के बाद भी "विस्तारा के उड़ान के दौरान मिलने वाला अनुभव खत्म नहीं होने वाला है।" पिछले महीने विस्तारा के ग्राहकों को भेजे संदेश में एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैम्पबेल विल्सन ने कहा था कि वे नए कोड 'AI2XXX' के तहत उसी विश्व स्तरीय बेड़े, असाधारण सेवा और परिचित चेहरों का आनंद लेना जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा, "इस विलय और इसके साथ आने वाले बदलावों के साथ, हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि आपका विस्तारा इन-फ्लाइट अनुभव खत्म नहीं होने वाला है। आप नए कोड AI2XXX के तहत उसी विश्व स्तरीय बेड़े, असाधारण सेवा और परिचित चेहरों का आनंद लेना जारी रख सकते हैं।"
महाराजा क्लब का क्या होगा?
घाटे में चल रही सरकारी स्वामित्व वाली एयर इंडिया अपने प्रतिष्ठित 'महाराजा' प्रतीक के लिए भी जानी जाती थी। टाटा समूह ने जनवरी 2022 में पूर्ण सेवा एयरलाइन का स्वामित्व वापस ले लिया। विलय के बाद, एकीकृत इकाई के फ्रीक्वेंट फ्लायर कार्यक्रम के माध्यम से विंटेज 'महाराजा' को बरकरार रखा गया। एयर इंडिया ने पिछले महीने कहा था, "क्लब विस्तारा के मौजूदा सदस्यों को एयर इंडिया के फ्लाइंग रिटर्न्स कार्यक्रम में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस विलय के साथ, फ्लाइंग रिटर्न्स भी एक नए अवतार 'महाराजा क्लब' के रूप में जाना जाएगा।"
सिंगापुर एयरलाइंस का एयर इंडिया में कितना निवेश रहेगा?
विस्तारा विलय के बाद एसआईए एयर इंडिया में 3,194.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी। एयरलाइन ने शुक्रवार को कहा विस्तारा के एयर इंडिया में विलय के बाद उसकी एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी होगी। सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) विस्तारा के विलय के बाद एयर इंडिया में 3,194.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश कर रही है। अंततरराष्ट्रीय विमानन कंपनी ने पिछले शुक्रवार को अपने वित्तीय परिणाम जारी करते हुए कहा कि वह एयर इंडिया की आवश्यकताओं के आधार पर अधिक पूंजी निवेश के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय वाहक ने शुरू में 2,058.5 करोड़ रुपये (360 मिलियन सिंगापुर डॉलर या 250 मिलियन अमेरिकी) का निवेश करने पर सहमति व्यक्त की थी। यह आश्वासन उसने 2022 में विस्तारा के एयर इंडिया के साथ पर सहमति देने दौरान दिया था। इस डील के जरिए विस्तारित एयर इंडिया समूह में सिंगापुर एयरलाइन को 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल गई थी। अब सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) नवंबर में विस्तारा के विलय के बाद एयर इंडिया में 3,194.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश कर रही है। बयान में कहा गया है, "भविष्य में पूंजी निवेश पर एयर इंडिया की आवश्यकताओं और उपलब्ध वित्तपोषण विकल्पों के आधार पर विचार किया जाएगा।"
विलय के बाद अब आगे क्या चुनौतियां हैं?
हालांकि पिछले करीब दो सालों में विलय से जुड़े ज़्यादातर मुद्दों को सुलझा लिया गया है, लेकिन अभी भी कुछ मुद्दे बाकी हैं। एयर इंडिया के पायलटों का एक वर्ग इस बात से नाखुश है कि रिटायरमेंट की अलग-अलग आयु सीमा है। एयर इंडिया, जो 1950 के दशक से सरकार के स्वामित्व में थी और 2022 में टाटा के स्वामित्व में आ गई, में पायलटों और अन्य कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष है, जबकि विस्तारा, जिसने 2015 में उड़ान भरना शुरू किया था, में यह आयु 60 वर्ष है। इसके अलावा, विलय के बाद एयर इंडिया में पायलटों की वरिष्ठता से जुड़ी भी कुछ चिंताएं हैं।