आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यूनिक आइ़ेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने टेलिकॉम कंपनियों को 15 दिन की मोहलत दी है। यूआई़डीएआई ने कहा है कि पहले ईकेवाईसी के जरिए जारी सिम कार्ड के बारे में जल्द फैसला ले। कंपनियां कैसे आधार को डीलिंक करेंगी, इसके बारे में जल्द उसे बताना होगा।
इन कंपनियों को भेजा सर्कुलर
यूआईडीएआई ने भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया सहित अन्य कंपनियों को सर्कुलर भेज कर जवाब मांगा है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में आधार कानून के सेक्शन 57 को निरस्त कर दिया था। इस सेक्शन में कंपनियों को 12 संख्या वाले आधार नंबर को ईकेवाईसी करने के लिए अधिकृत किया गया था।
2016 में आरबीआई ने दिया था निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2016 में ओटीपी के जरिए ईकेवाईसी करने का निर्देश दिया था। आरबीआई ने तब अपने आदेश में बैंकों को कहा था कि वो ओटीपी के जरिए ग्राहकों की सहमति से ईकेवाईसी कर सकते हैं। हालांकि ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहक एक साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा पैसा जमा नहीं कर सकते हैं।
ईकेवाईसी से बढ़ी कर्ज लेने वालों की संख्या
आधार के जरिए ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इसका सबसे ज्यादा फायदा छोटा राशि का कर्ज लेने वालों हुआ था। फिनटेक कंपनियों का भी खर्च इस प्रोसेस के जरिए काफी कम हो गया था। 2017 में जहां 4.8 करोड़ लोगों का ईकेवाईसी हुआ था, वहीं 2018 में यह बढ़कर 13.8 करोड़ हो गया था। बैंकों को भी ईकेवाईसी से अपना नेटवर्क और ग्राहक संख्या बढ़ाने में मदद मिली थी।