उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) या रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) का पांचवां चरण श्रेणी-2 (20-80 सीट) और श्रेणी-3 (80 से ज्यादा सीट) पर केंद्रित होगा। पहले चरण की 600 किमी की सीमा को समाप्त कर दिया गया है और उड़ान के मूल और गंतव्य के बीच की दूरी के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को देश के दूर-दराज इलाकों में कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के पांचवें चरण की शुरुआत की। उड़ान 5.0 के तहत प्रदान की जाने वाली व्यावहारिक अंतर वित्तीय सहायता (वीजीएफ) को प्राथमिकता और गैर-प्राथमिकता वाले दोनों क्षेत्रों के लिए ऊपरी सीमा 600 किलोमीटर की दूरी पर निर्धारित की जाएगी, जबकि पहले यह 500 किलोमीटर थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इसके अलावा, कोई पूर्व निर्धारित रूट पेश नहीं किया जाएगा। केवल एयरलाइंस द्वारा प्रस्तावित नेटवर्क पर विचार किया जाएगा।
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उड़ान के मूल और गंतव्य के बीच की दूरी के लिए कोई प्रतिबंध नहीं
उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) या रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) का पांचवां चरण श्रेणी-2 (20-80 सीट) और श्रेणी-3 (80 से ज्यादा सीट) पर केंद्रित होगा। पहले चरण की 600 किमी की सीमा को समाप्त कर दिया गया है और उड़ान के मूल और गंतव्य के बीच की दूरी के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, उड़ान योजना का यह नया और मजबूत संस्करण गति को बढ़ाएगा, नए मार्गों को जोड़ेगा और हमें निकट भविष्य में 1000 मार्गों तथा 50 अतिरिक्त हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल हवाई अड्डों के संचालन के लक्ष्य के करीब लाएगा।
दूरदराज के क्षेत्रों में बढ़ेगी हवाई यात्रा
नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि योजना का यह नया एवं मजबूत संस्करण गति को बढ़ाएगा। साथ ही नए मार्गों को जोड़ेगा और हमें 1,000 मार्गों, 50 अतिरिक्त हवाई अड्डों, हेलिपोर्ट तथा वॉटर एयरोड्रम के लक्ष्य के करीब लाएगा।