बड़े से लेकर के छोटे शहरों में फूड डिलीवरी ऐप के जरिए खाना मंगाने का बिजनेस काफी चल गया है। अब ऐसी कंपनियां बहुत लोगों को नौकरी का अवसर दे रही हैं। डिलीवरी बॉय के तौर पर लाखों की संख्या में लोग इससे अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा 12वीं पास युवा
डिलीवरी बॉय के तौर पर ज्यादातर 12वीं पास युवा ही इन कंपनियों से जुड़ रहे हैं। हालांकि इसमें आठवीं से लेकर के परस्नातक कोर्स करने वाले लोगों की भी संख्या है, लेकिन इनकी संख्या काफी कम है। 10वीं से नीचे वाले 8 फीसदी, 10वीं पास 20 फीसदी, 12वीं पास 37 फीसदी, डिप्लोमाधारी नौ फीसदी, अंडर ग्रेजुएट 19 फीसदी और पीजी करने वाले चार फीसदी लोग इससे जुड़े हुए हैं।
जोमोटो से जुड़े हैं दो लाख लोग
फूड डिलीवरी ऐप जोमेटो से करीब दो लाख लोग जुड़े हुए हैं जो घर या फिर ऑफिस में रेस्टोरेंट से खाना पहुंचाते हैं। इनकी औसत उम्र 25 साल होती है। इस तरह के काम में ऐसे युवा जुड़ रहे हैं, जो गांव-देहात से होते हैं। शहरी युवा भी पार्ट टाइम के लिए इस तरह की नौकरी करते हैं। केवल 28 फीसदी लोग शादी-शुदा होते हैं, बाकी के 72 फीसदी लोग अविवाहित श्रेणी में आते हैं।
होना चाहिए केवल यह काबिलियत
इन लोगों के पास केवल खुद की मोटरसाइकिल और स्मार्टफोन चलाना आना चाहिए। जोमोटो ने बताया कि लोगों को डिलीवरी बॉय बनाने से पहले कंपनी की तरफ ट्रेनिंग भी दी जाती है।
नौकरी के दौरान यह होती है उम्मीदें
ज्यादातर लोगों में से 15 फीसदी लोग अपनी पढ़ाई को पूरा करना चाहते हैं। तीन फीसदी गायक, 16 फीसदी घर खरीदना चाहते हैं और 52 फीसदी की उम्मीदें कार खरीदने की होती है।