तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की पहल श्री वेंकटेश्वर अलायला निर्माणम ट्रस्ट (श्रीवानी ट्रस्ट) को पिछले पांच वर्षों में कम से कम 10,000 रुपये दान करने वाले श्रद्धालुओं से 880 करोड़ रुपये मिले हैं। 10,000 रुपये के प्रत्येक दान के लिए, टीटीडी एक 'वीआईपी ब्रेक दर्शन' प्रदान करता है, जो दानदाताओं को सुबह-सुबह भगवान के दर्शन करने में सक्षम बनाता है, इसके विपरीत सर्वदर्शनम कतार की सुविधा दी जाती है, जिसके के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता। मंदिर निकाय के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) एवी धर्मा रेड्डी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "ट्रस्ट को 10,000 रुपये (एक व्यक्ति) दान देने वाले दानदाता को एक बार वीआईपी ब्रेक दर्शन से जोड़ने से ट्रस्ट को लगभग 880 करोड़ रुपये मिले हैं।"
2018 में शुरू किया था श्रीवानी ट्रस्ट
2018 में शुरू किए गए श्रीवानी ट्रस्ट का उद्देश्य पूरे भारत में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिरों का निर्माण और रखरखाव करना है और अनुष्ठानों, कार्यों और त्योहारों को करने के लिए सुविधाएं प्रदान करना है। यह इस तरह के अन्य कार्यों के अलावा गोपुरम (स्मारकीय मंदिर टावरों) के नवीनीकरण, संरक्षण, संरक्षण और रखरखाव के उद्देश्य को भी पूरा करता है। रेड्डी ने कहा कि 2019 से नौ लाख भक्तों ने श्रीवानी ट्रस्ट के माध्यम से दर्शन किए। 'डायल योर ईओ' कार्यक्रम के तहत रेड्डी ने कर्नाटक के एक श्रद्धालु से कहा कि टीटीडी श्रद्धालुओं को 24 घंटे से अधिक समय तक ठहरने की सुविधा नहीं दे सकता क्योंकि तिरुमाला में केवल 7,000 कमरे हैं जबकि रोजाना एक लाख तीर्थयात्री इस पहाड़ी शहर में आते हैं। इस बीच, टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड की पूर्व सदस्य और इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व अध्यक्ष सुधा मूर्ति ने अपने पति और इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के साथ मंदिर को एक स्वर्ण अभिषेक शंखम दान किया है।