अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम के आयात पर इसी तरह के शुल्क लगाने के बाद तांबे पर भी 50 प्रतिशत का नया शुल्क लगाने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अमेरिका द्वारा आयातित दवाओं पर शुल्क एक साल बाद 200 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वह दुनिया भर की दर्जनों अर्थव्यवस्थाओं पर लागू होने वाले उच्च अमेरिकी शुल्कों की 1 अगस्त की समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाएंगे। यह कदम नई दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका भारत का फार्मास्यूटिकल्स के लिए सबसे बड़ा विदेशी बाजार है और तांबे तथा तांबे से बने उत्पादों का एक प्रमुख निर्यातक है।
ट्रम्प ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कहा, "आज हम तांबे पर काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि हम तांबे पर टैरिफ को 50 प्रतिशत करने जा रहे हैं।" तांबे पर कर लगाने से क्षेत्र-विशेष पर की जाने वाली कार्रवाइयों की शृंखला का विस्तार होगा, जिसे रिपब्लिकन ने व्हाइट हाउस में लौटने के बाद से लागू किया है और इससे धातु की कीमतें आसमान छू रही हैं। वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने इसके तुरंत बाद सीएनबीसी को बताया कि यह दर संभवतः जुलाई के अंत में या 1 अगस्त को लागू की जाएगी।
उधर, ट्रंप प्रशासन की ओर से एक दर्जन से ज़्यादा देशों पर नए टैरिफ़ लगाने के बाद व्यापक बिकवाली के एक दिन बाद वॉल स्ट्रीट पर मिला-जुला रुख रहा। मंगलवार को एसएंडपी 500 में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई और नैस्डैक कंपोजिट में भी कोई खास बदलाव नहीं आया।