प्रणाली में सुधार के बाद अब कारोबारी जैसे ही ई-वे बिल जारी करने के लिए सामान का एचएसएन कोड डालेंगे, सिस्टम अपने आप उस पर देय जीएसटी दर का रेट ले लेगा। मतलब उस सामान पर कितना फीसदी सीजीएसटी, कितना आईजीएसएटी और कितना आईजीएसटी लगेगा, इसकी गणना खुद कर लेगा।
पहले इसे कारोबारी को भरना होता था और इसमें अक्सर गलती हो जाती थी। इससे बिल में विसंगति आ जाती थी। यही नहीं, अब इसमें एक नया खाना, सेस नॉन एडवेल अमाउंट एंड अदर वैल्यू भी शुरू किया गया है।
पिनकोड डालते ही राज्य का चयन
अधिकारी ने बताया कि अब सिस्टम में एक और सुधार राज्य के चयन का किया गया है। पहले पिन नंबर भरने के बाद राज्य का नाम भी भरना होता था। अब जैसे ही कारोबारी सिस्टम में पिन नंबर डालेंगे, वह अपने आप राज्य का नाम भर लेगा। मैनुअली होने से इसमें भी कभी-कभी गलती देखी गई थी।
एसएमएस से मिलेगा अलर्ट
यदि किसी कारोबारी के ई-वे बिल का वैल्यू 10 करोड़ रुपये से ज्यादा होगा, तो कारोबारी को एसएमएस पर अलर्ट मिलेगा। इससे फायदा यह होगा कि यदि कोई कारोबारी टाइपिंग गलती की वजह से ऐसा करता है, तो उसमें वह सुधार कर लेगा।