ट्राई ने कहा है कि नई गाइडलाइन की सिफारिश दूरसंचार क्षेत्र में तेजी से घटती कंपनियों की संख्या को देखते हुए की गई है। एक दशक पहले जहां इस क्षेत्र में 12-14 सेवा प्रदाता कंपनियां थीं, वहीं अब इनकी संख्या घटकर चार ऑपरेटर्स पर आ गई है। राष्ट्रीय डिजिटल संचार पॉलिसी तेजी से अप्रूवल देने और विलय प्रक्रिया में हो रही देरी को रिकॉर्ड में रखने की तैयारी कर रहा है। नियामक ने कहा कि अगर कोई मामला कानूनी पचड़ों की वजह से लटकता है, तो इस दौरान लगने वाले समय को विलय के लिए दिए गए एक साल के समय में से घटाया जा सकता है और कंपनियों को उतना अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
दूरसंचार विभाग ने देश में 5जी प्रौद्योगिकी के अनुकूल समाधानों की पहचान करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए ‘5जी हैकाथन’ शुरू किया है। विभाग ने कहा कि इस हैकाथन का आयोजन तीन चरणों में होगा, जिसके पहले चरण की शुरुआत 21 फरवरी को हुई। इसका आयोजन नीति आयोग, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, एमएसएमई, सी-डॉट, सीओएआई, इंडिया मोबाइल कांग्रेस, केपीएमजी, आईआईटी जैसे संस्थानों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर किया जा रहा है। इसके तीनों चरणों में प्रतिभागियों को 2.50 करोड़ रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। हैकाथन का समापन 26 अक्तूबर 2020 को होगा।
सरकार ने प्रतिस्पर्धा कानून के नियमों में बदलाव के लिए प्रस्ताव पेश कर दिए हैं। इसमें मौजूदा मामलों के समाधान के लिए भी लोगों को अधिकार दिए जाएंगे। नया ड्राफ्ट बिल प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के नियमों में बदलाव करेगा, जिसे छह महीने तक विशेषज्ञों से सुझाव व अनुमोदनों के बाद जनता के बीच पेश किया गया है। इस बिल को कॉरपोरेट मंत्रालय ने तैयार किया है, जिसमें मामलों को तेजी से निपटाने के लिए कई प्रावधान किए हैं। इसके तहत कोई व्यक्ति लिखित में आवदेन प्रतिस्पर्धा आयोग के सामने पेश कर मामले के समाधान की मांग कर सकता है।