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कोरोना और 2008 पर भारी व्यापार युद्ध: एफआईआई ने निकासी के तोड़े रिकॉर्ड, 1.53 लाख करोड़ रुपये के बेचे शेयर

Tue, 18 Mar 2025 06:21 AM IST
ज्योति भास्कर अजीत सिंह, अमर उजाला

सार

कोरोना और 2008 की मंदी पर 2025 का व्यापार युद्ध भारी पड़ रहा है। एफआईआई ने निकासी के रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक 1.53 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं।
  • 2.74 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश किया था 2020-21 में 
  • 2021-22 में 1.40 करोड़ की हुई थी बिकवाली
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Share Market - फोटो : ANI
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विस्तार
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विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से निकासी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसकी प्रमुख वजह व्यापार युद्ध गहराने की आशंका है, जिस कारण निवेशकों ने कोरोना में बाजार में औंधे मुंह गिरावट और 2008 में वैश्विक मंदी को भी पीछे छोड़ दिया है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 के समाप्त होने में 13 दिन बाकी हैं, फिर भी इन निवेशकों ने शुद्ध रूप से 1.53 लाख करोड़ के शेयर बेच दिए हैं।
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डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष से पहले 1.40 लाख करोड़ की सबसे बड़ी निकासी 2021-22 में हुई थी। वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान वैश्विक मंदी में 47,706 करोड़ रुपये निकाले गए थे। 2022-23 में 37,000 करोड़ के शेयर बेचे थे। हालांकि, इन निवेशकों ने 2020-21 में सबसे ज्यादा 2.74 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था।

जनवरी से अब तक 1.43 लाख करोड़ की बिकवाली
चालू कैलेंडर वर्ष की बात करें तो इसमें भी विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड निकासी की है। 2025 में जनवरी से अब तक कुल 1.43 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इससे पहले 2022 में शुद्ध रूप से 1.21 लाख करोड़ और 2008 में 52,987 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी, जबकि सबसे अधिक निवेश 2023 में 1.70 लाख करोड़ रुपये का रहा है। 
  • 2020 में 1.70 लाख करोड़ रुपये, 2012 में 1.28 लाख करोड़ और 2010 में 1.33 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश किया गया था।
1992-93 में भारत में आए थे एफआईआई
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने पहली बार 1992-93 में भारतीय शेयर बाजार में 13 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। 1993-94 में यह रकम बढ़कर 5,127 करोड़ रुपये हो गई थी। 1998-99 में पहली बार 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश हुआ। 2007-08 में पहली बार घरेलू बाजार में विदेशी निवेश 50,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा था।

घरेलू बाजार में लगे हैं 50 लाख करोड़
विदेशी निवेशकों का घरेलू बाजार में करीब 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश है। एफआईआई जब भी भारतीय बाजार से रकम निकालते हैं, उसका असर हमारे बाजार पर दिखता है। इस वित्त वर्ष में अक्तूबर से इन निवेशकों ने निकासी शुरू की है और तब से सेंसेक्स और निफ्टी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक अच्छी खरीदी कर रहे हैं, बावजूद इसके बाजार नीचे जा रहा है।
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