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India-Russia: रुपये में कारोबार पर बातचीत टालने की खबर पर रूसी अधिकारी बोले- ऐसी खबरें पश्चिम फैला रहा

Thu, 04 May 2023 04:57 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया है कि भारत और रूस ने रुपये में द्विपक्षीय व्यापार से जुड़ी बातचीत को फिलहाल स्थगित कर दिया है। मामले की जानकारी रखने वालों दो भारतीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि दोनों देशों के बीच महीनों की बातचीत के बावजूद भारत मॉस्को को द्विपक्षीय व्यापार रुपये में करने के लिए सहमत करने में विफल रहा।
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रूस और भारत - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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भारत और रूस के बीच रुपये में व्यापार के लिए हो रही वार्ता निलंबित करने का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्ट्स का रूसी अधिकारी ने खंडन किया है। खबरों पर  टिप्पणी करते हुए रूस के एक अधिकारी ने कहा है कि ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच जारी तालमेल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि ऐसी मनगढंगत खबरें पश्चिमी समाचार एजेंसियों की ओर से फैलायी जा रही हैं। बता दे मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया है कि भारत और रूस ने रुपये में द्विपक्षीय व्यापार से जुड़ी बातचीत को फिलहाल स्थगित कर दिया है। मामले की जानकारी रखने वालों दो भारतीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि दोनों देशों के बीच महीनों की बातचीत के बावजूद भारत मॉस्को को द्विपक्षीय व्यापार रुपये में करने के लिए सहमत करने में विफल रहा। हालांकि अब दावे को एक रूसी अधिकारी ने खारिज कर दिया है।

भारत और रूस के बीच रुपये में द्वपक्षीय व्यापार होने पर आयातकों को मिलेगी राहत

माना जा रहा है कि यदि रुपये में व्यापार करने से जुड़ी बातचीत स्थगित की जाती है तो यह रूस से सस्ते तेल और कोयले के भारतीय आयातकों के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा। ये मुद्रा रुपांतरण की लागत कम करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार में लंबे समय से एक स्थायी भुगतान तंत्र की प्रतीक्षा कर रहे हैं। एक विदेशी समाचार एजेंसी ने भारत सरकार के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर  बताया था कि मॉस्को महसूस करता है कि रुपया का संचय 'वांछनीय नहीं' है, ऐसे में इसमें द्वपक्षीय व्यापार मुश्किल है।

वैश्विक निर्यात में भारत की हिस्सेदारी महज दो प्रतिशत, इसलिए रुपये में व्यापार कठिन

भारत के वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से इस मामले में अब तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है। रुपया पूरी तरह परिवर्तनीय नहीं है। वस्तुओं के वैश्विक निर्यात में भारत का हिस्सा लगभग 2% ही है इसलिए दूसरे देश रुपये में कारोबार करने से हिचकते हैं। भारत ने पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर आक्रमण के तुरंत बाद रूस के साथ रुपया निपटान तंत्र की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन रुपये में कोई सौदा नहीं हुआ है। अब भी अधिकांश व्यापार डॉलर में होता है।

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