डेबिट क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन पेमेंट
- फोटो : pixabay
रिजर्व बैंक ने कार्ड से भुगतान के नए नियम जारी किए हैं। ये पहले एक जनवरी 2022 से लागू होने वाले थे। पहले इसके लागू होने की तिथि बढ़ाकर 30 जून 2022 कर दिया गया। दाेबारा उसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2022 कर दिया गया था। ऐसे में अगर 30 सितंबर के बाद नए नियम लागू होते हैं तो इसके तहत भुगतान के लिए एक टोकन सिस्टम होगा। स्टोर संचालक ग्राहक के कार्ड का विवरण अपने पास स्टोर कर के नहीं रख सकेंगे। इससे ग्राहक या कार्ड धारक की डेटा प्राइवेसी कायम रहेगी।
बदल जाएगी कार्ड से भुगतान की प्रक्रिया
पहले ये नियम एक जनवरी 2022 से लागू होने वाले पर उसे बढ़ाकर पहले 30 जून 2022 कर दिया गया उसके बाद उसे 30 उसे सितंबर 2022 तक बढ़ा दिया गया। हालांकि सूत्रों के मुताबिक आरबीआई अब इस अवधि को बढ़ाने के मूड में नहीं है। ऐसे में अगले महीने यानी 30 सितंबर के बाद से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान के नियम बदल सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो कार्ड से लेनदेन के लिए आरबीआई की ओर से निर्धारित टोकनाइजेशन सिस्टम लागू हो जाएगा।
इस सिस्टम के तहत लेनदेन/भुगतान में कार्ड जारीकर्ता बैंक या कार्ड नेटवर्क के अलावा कोई भी वास्तविक कार्ड डेटा का डेटा स्टोरेज नहीं कर सकेगा। ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग या विवाद की दशा में सुलह के लिए, संस्थाएं सीमित डेटा स्टोर कर सकती हैं। वास्तविक कार्ड नंबर और कार्ड जारीकर्ता के नाम के आखिरी चार अंक तक को स्टोर करने की छूट होगी। अन्य जानकारी कोई भी स्टोर या दुकान संचालक नहीं रखेगा।
ग्राहक सहमत हुआ तो ही कार्ड के टोकन जारी होंगे
मोबाइल, लैपटॉप, डेक्सटॉप स्मार्ट वॉच आदि के जरिए किए गए भुगतान पर भी यह नियम लागू होगा। टोकन सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से जारी किए जाएंगे। कार्ड डेटा को टोकन के रूप में जारी करने की सुविधा एक ही टोकन सर्विस प्रोवाइडर के साथ होगी। कार्ड डेटा को टोकन के रूप में जारी करने का काम ग्राहक की सहमति से ही किया जाएगा।
अभी किसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर अगर आपने एक बार आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड का ब्योरा भर दिया तो खरीदी के वक्त भुगतान करने के लिए आपको सिर्फ सीवीवी (कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू) और ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) ही डालना पड़ता है।
अब नए पेमेंट एग्रीगेटर/पेमेंट गेटवे (पीए/पीजी) नियम के अनुसार प्रत्येक ऑनलाइन मर्चेंट प्रोसेसिंग ट्रांजेक्शन की एक 'टोकनयुक्त की ' देंगे। ई-कॉमर्स कंपनी को कार्ड नेटवर्क के साथ इसके लिए गठबंधन करना पड़ेगा। ये टोकन प्रत्येक कार्ड नंबर के साथ लिंक होंगे। इस टोकन नंबर का इस्तेमाल दूसरा कोई नहीं कर सकेगा।
क्या है आरबीआई का टोकनाइजेशन सिस्टम?
रिजर्व बैंक विभिन्न कार्डों से किए जाने वाले भुगतान को और मालवेयर वायरस अटैक से सुरक्षित करना चाहता है। टोकन व्यवस्था में आपको भुगतान के लिए अपने कार्ड का पूरा विवरण नहीं देना होगा, बल्कि इसके लिए एक विशेष टोकन देना होगा। यह टोकन एक यूनिक कोड होगा। यह आपके कार्ड, टोकन मांगने वाले स्टोर और डिवाइस जिससे टोकन भेजा जा रहा है, तीनों से मिलकर बना होगा।