नाइट फ्रैंक इंडिया की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, नीति निर्माताओं ने कुछ वर्षों में भारत के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए व्यापक प्रयास किए हैं। इससे भारत के बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक वृद्धि में निजी कंपनियों के सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की गुंजाइश बढ़ेगी।
भारत को 2030 तक 7 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी बनने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर 2.2 लाख करोड़ डॉलर का निवेश करना होगा। साथ ही, अर्थव्यवस्था को 2024-30 के बीच हर साल 10.1 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ना होगा।
विज्ञापन
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट
नाइट फ्रैंक इंडिया की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, नीति निर्माताओं ने कुछ वर्षों में भारत के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए व्यापक प्रयास किए हैं। इससे भारत के बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक वृद्धि में निजी कंपनियों के सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की गुंजाइश बढ़ेगी। हालांकि, बुनियादी ढांचे के विकास में निजी कंपनियों की भागीदारी घटी है। 2009-13 के बीच इन कंपनियों ने बुनियादी ढांचे के विकास पर 160 अरब डॉलर खर्च किए थे, जो 2019-23 में घटकर सिर्फ 39.2 अरब डॉलर रह गया।
सात फीसदी तक रह सकती है वृद्धि दर
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अनंत नागेश्वरन का मानना है कि जीडीपी वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 6.5-7 फीसदी रह सकती है। दूसरी तिमाही में जीडीपी में तेज गिरावट कुछ अस्थायी वजहों से आई होगी या यह कुछ बड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। सीईए ने कहा, हमारी विकास दर तेज रास्ते पर है। वैश्विक अनिश्चितताओं से कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। इनसे निपटने के लिए हमें तैयार रहना होगा।
विज्ञापन
पैदा करने होंगे 80 लाख रोजगार
सीईए ने कहा, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 10-12 वर्षों में हर साल 80 लाख रोजगार पैदा करने की जरूरत है। छोटे व मझोले उद्योगों को चिंता किए बिना अपने आकार को बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।