प्याज की चढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्याज खरीदने का फैसला किया है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। कैबिनेट सचिव राजीव गाबा के साथ शुक्रवार को हुई बैठक में खाद्य आपूर्ति, उपभोक्ता मामलों और कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र के आग्रह पर प्याज की निर्बाध आपूर्ति के लिए राजस्थान और दिल्ली की मंडियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। साथ ही आढ़तियों की स्टॉक लिमिट को सख्ती से लागू किया जाएगा, जिससे वे 50 टन से ज्यादा प्याज नहीं रोक पाएंगे। इसके अलावा, कैबिनेट सचिव के साथ बैठक में तय हुआ कि इस संकट से निपटने के लिए मंत्रालय राज्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हालात पर निगाह रखेंगे।
सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी प्याज की कीमतों में 20 नवंबर से पहले कमी आती नहीं दिखाई दे रही है। दरअसल, खाद्य आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तुर्की और इजिप्ट जाकर निर्यातकों से सीधे प्याज की खरीद सुनिश्चित करेगा। इन देशों से 12 नवंबर को दो हजार मीट्रिक टन प्याज की पहली खेप आएगी। वहीं, यूएई से प्याज आने में कम-से-कम 8 से 10 दिन लगेंगे।