गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात में अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने 13 सितंबर, 2021 को मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। मुख्यमंत्री ने इन तीन वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुरू की गई गुजरात विकास यात्रा को लगातार आगे बढ़ाया। उनके नेतृत्व में गुजरात में जी20 बैठकें तथा वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का 10वाँ संस्करण; दोनों ही सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में आज गुजरात देश का सेमीकंडक्टर हब और रिन्यूएबल एनर्जी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत@2047’ का जो विजन दिया है, उसे साकार करने के लिए गुजरात सरकार प्रतिबद्धता से जुटी है।
मुख्यमंत्री के 3 वर्षों के कार्यकाल के दौरान सरकार की प्रमुख उपब्धियां ये रहीं-
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नई नीतियां घोषित कीं
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गुजरात आत्मनिर्भर पॉलिसी
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गुजरात बायोटेक्नोलॉजी पॉलिसी
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नई गुजरात IT/ITes पॉलिसी
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गुजरात स्पोर्ट्स पॉलिसी
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ड्रोन पॉलिसी
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गुजरात सेमीकंडक्टर पॉलिसी
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गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी
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सिनेमैटिक टूरिज्म पॉलिसी
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स्टूडेंट स्टार्ट-अप्स एंड इनोवेशन पॉलिसी 2.0 (SSIP-2.0)
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गुजरात खरीद नीति
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गुजरात ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी 2024
सुशासन से जुड़ीं उपलब्धियां
- गुजरात की जनता के लिए गरवुं (गौरवशाली) गुजरात, गुणवंतु (गुणी) गुजरात, ग्रीन गुजरात, ग्लोबल गुजरात तथा गतिशील गुजरात; इन 5जी को शामिल करते हुए सर्वग्राही दिशादर्शक 3 लाख 32 हजार करोड़ रुपए का बड़ा बजट दिया।
- वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 के 10वें संस्करण का सफल आयोजन किया गया।
- “अर्निंग वेल, लिविंग वेल” के मंत्र के साथ ‘विकसित गुजरात@2047’ का रोडमैप बनाने वाला गुजरात देश का प्रथम राज्य।
- जीरो कैजुअल्टी दृष्टिकोण के साथ बिपरजॉय चक्रवात का सामना किया, इससे जान-माल के बड़े नुकसान को टाला जा सका।
गरीबों, वंचितों, आदिवासियों व श्रमिकों का विकास
- आगामी तीन वर्षों में 1500 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 3 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए सुविधायुक्त अस्थायी आवासों यानी श्रमिक बसेरों के निर्माण का आयोजन।
- ई-श्रम पोर्टल पर 1 करोड़ 17 लाख से अधिक असंगठित श्रमयोगियों का पंजीकरण कर उन्हें स्मार्ट जारी किए गए।
- 1 लाख करोड़ रुपए की वनबंधु कल्याण योजना 2.0 लागू की गई।
- श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत राज्य के 19 जिलों में 290 खाद्य वितरण केन्द्र कार्यरत किए गए हैं और इस योजना के तहत अब तक 2 करोड़ 68 लाख लोगों को भोजन का वितरण किया गया है।
युवा विकास व अन्नदाता का मान- अन्नदाता का ध्यान
भारत सरकार के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा जारी स्टार्टअप रैंकिंग के अनुसार गुजरात पिछले चार वर्षों से लगातार देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लगभग 58.79 लाख किसान परिवारों को 11,058.59 रुपए की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी गई। राज्य का डांग जिला पहला 100 प्रतिशत प्राकृतिक खेती करने वाला जिला बना, अब तक राज्य के 53 लाख से अधिक किसानों ने प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लिया है।
नारी सशक्तिकरण और स्वस्थ गुजरात, समृद्ध गुजरात
महिला गर्भ धारण करने के बाद प्रसूति से पहले के 270 दिनों और बच्चे के जन्म से 2 वर्ष तक के 730 दिनों यानी कुल 1000 दिनों की समयावधि के दौरान गर्भवती महिलाओं व प्रसूता माताओं को पोषक आहार प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना प्रारंभ की गई, इस योजना के तहत 5 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं व स्तनपान कराने वाली माताओं ने लाभ लिया है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री अमृतम (PMJAY-MA) के तहत गुजरात के नागरिकों को मिलने वाली 5 लाख रुपए की सहायता बढ़ा कर 10 लाख रुपए की गई। गुजरात में 2.6 करोड़ से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती हैं।
शिक्षित गुजरात, संपन्न गुजरात
गुजरात को शिक्षित और संपन्न बनाने के लिए कई कदम उठाए गए। गुजरात में शिक्षा व्यवस्था की पल-पल की रीयल टाइम जानकारी प्राप्त करने के अभिनव प्रयोग के साथ विद्या समीक्षा केन्द्र का प्रारंभ किया गया। इसके अलावे मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत शामिल विद्यालयों में 874.68 करोड़ रुपए की लागत से 97,187 स्मार्ट क्लासरूम्स तथा 1,432.40 करोड़ रुपए के खर्च से 21,037 कम्प्यूटर लैब्स की सुविधा मुहैया कराई गई। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 का 10वां संस्करण ‘गेटवे टू द फ्यूचर’ की थीम के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।