गुजरात के भावनगर में कर अधिकारियों ने 1537 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह लोग फर्जी बिल बनाकर जीएसटी की चोरी करते थे और इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ भी लेते थे। इससे सरकार को भी चूना लगा है। पहली बार राज्य में इतनी बड़ी जीएसटी की चोरी पकड़ी गई है।
चल रही थीं 150 शैल कंपनियां
खुफिया सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर केंद्रीय जीएसटी आयुक्त ने पूरे राज्य में छापेमारी करके 150 शैल कंपनियों का पता लगाया, जिनके नाम पर जीएसटी के फर्जी बिल बनाए जा रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक करीब 1324 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए गए। अभी इन 150 शैल कंपनियों के बारे में अधिकारी जांच कर रहे हैं।
213 करोड़ का आईटीसी लाभ
इन फर्जी बिलों की मदद से 213 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ भी लिया गया था। इस फर्जीवाड़े में शामिल सज्जादहुसेन अबीदाली पंजनी, अफजल सतारभाई गोरी और नेविल अशोकभाई शुक्ला को हिरासत में लिया गया है। कोर्ट ने इन्हें केंद्रीय जीएसटी एक्ट के सेक्शन 69 के तहत न्यायायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।