टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की 12,000 से अधिक कर्मचारियों को निकाले जाने की घोषणा इस बात की चेतावनी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में आईटी क्षेत्र में नौकरियां सुरक्षित नहीं हैं। दुनियाभर की टेक कंपनियों में छंटनी की रफ्तार यह बताती है कि यह संकट आगे और बढ़ेगा। हालांकि, छंटनी के दौर में इन्फोसिस ने इस साल 20,000 फ्रेशर्स को नौकरी देने की घोषणा की है।
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एआई से 2030 तक 1.8 करोड़ नौकरियां जाएंगी
एजेंटिक एआई का चलन बढ़ने से 2030 तक यानी अगले पांच वर्षों में विनिर्माण, खुदरा और शिक्षा क्षेत्रों में करीब 1.8 करोड़ नौकरियां जा सकती हैं। सर्विसनाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक एआई से उपजे व्यापक व्यवधान का सर्वाधिक प्रभाव विनिर्माण क्षेत्र पर पड़ेगा, जहां 80 लाख नौकरियां प्रभावित होंगी। खुदरा क्षेत्र में 76 लाख और शिक्षा क्षेत्र में 25 लाख से ज्यादा नौकरियों पर असर पड़ेगा। सर्विसनाउ इंडिया टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस सेंटर के प्रबंध निदेशक सुमीत माथुर ने कहा, एजेंटिक एआई 2030 तक नई तकनीकी वाली 30 लाख से ज्यादा नौकरियों का भी सृजन करेगा।
इनमें भी छंटनी
| कंपनी का नाम | संख्या |
|---|---|
| नॉर्थ वोल्ट | 2,800 |
| हेवलेट पैकर्ड | 2,500 |
| एचपी | 2,000 |
| वर्कडे | 1,750 |
| ओपन टेक्स्ट | 1,600 |
| ऑटो डेस्क | 1,350 |
| इनडीड | 1,300 |