मौजूदा समय में लोग 2जी से 3जी और 4जी में सिम अपग्रेड करा रहे हैं। ऐसे में कोई फोन कर सिम अपग्रेड करने के लिए नंबर मांगकर धोखाधड़ी कर सकता है। दिशा-निर्देशों में बदलाव के चलते अब ऐसा करना मुमकिन नहीं होगा।
दूरसंचार विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि सेवा प्रदाता कंपनी के लिए यह अनिवार्य है कि सिम को अपग्रेड करने के दौरान उपभोक्ता को कॉल कर पुष्टी करे। इंटर-एक्टिव वॉयस कॉल में अगर उपभोक्ता सिम अपग्रेड करने की मंजूरी नहीं दे, तो प्रक्रिया को किसी भी सूरत में आगे नहीं बढ़ाया जाए। उपभोक्ता को पुष्टी प्रक्रिया के दौरान नए सिम कार्ड का नंबर डालना भी जरूरी होगा। अन्यथा सिम अपग्रेड नहीं होगा।
नए सिम में 24 घंटे तक नहीं आ सकेगा एसएमएस
अपग्रेड होने के बाद नए सिम कार्ड में 24 घंटे तक कोई एसएमएस नहीं भेजा जा सकेगा। दरअसल बैंकिंग धोखाधड़ी में ओटीपी संदेश सुरक्षा का अंतिम चरण होता है। अगर अपग्रेड सिम किसी अन्य के हाथ लग भी जाएगा तो वह कोई धोखाधड़ी नहीं कर सकेगा और उपभोक्ता अपना सिम ब्लॉक करा सकेगा।
गौरतलब है कि ऑनलाइन बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड समेत सभी पेमेंट बैंक उपभोक्ता के मोबाइल नंबर से लिंक रहते हैं। अधिकतर की सुरक्षा का अंतिम चरण ओटीपी के जरिए होता है। ऐसे में नए दिशा-निर्देशों के तहत सिम अपग्रेड करने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल जरूर हो जाएगा, लेकिन सुरक्षा पुख्ता होगी।