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सिम कार्ड अपग्रेड में नहीं होगी धोखाधड़ी, अब रिटेलर्स, कंपनियों को करना होगा पहले यह काम

Thu, 09 Aug 2018 05:00 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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सिम कार्ड
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सिमकार्ड अपग्रेड कराने में धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के मद्देनजर केंद्र सरकार ने इससे संबंधित दिशा-निर्देशों में बदलाव किया है। सेवा प्रदाता कंपनियों को सिम कार्ड अपग्रेड करने की प्रक्रिया में उपभोक्ता से इंटर-एक्टिव वॉयस कॉल के जरिए मंजूरी लेनी होगी। साथ ही 24 घंटे तक नए सिम पर कोई भी एसएमएस आ या जा नहीं सकेगा।

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दूरसंचार मंत्रालय के सामने सिम कार्ड अपग्रेड में होने वाली धोखाधड़ी को लेकर कई मामले सामने आए। धोखाधड़ी करने वाले की ओर से अपग्रेड करने की प्रक्रिया में उपभोक्ता से उसका 15 अंकों का सिम नंबर पूछा गया। इसके बाद वह सिम डी-एक्टिवेट कर दिया गया।

इस दौरान उपभोक्ता के नंबर का एक नया सिम एक्टिवेट करा दिया गया। इस तरह से बैंकिंग, वित्तीय समेत अन्य धोखाधड़ी के कई मामलों को अंजाम दिया गया। यूपी, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से सरकार के समक्ष इस संबंध में शिकायतें आईं।
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इसके मद्देनजर सरकार ने दिशा-निर्देश में बदलाव किया। अब सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से कॉल करके बातचीत कर अनुमति लेने के बाद ही कार्ड अपग्रेड होगा। कोई भी पुराना सिम का नंबर लेकर उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी नहीं कर सकेगा।

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उपभोक्ता पहले बताएगा नया सिम नंबर

मौजूदा समय में लोग 2जी से 3जी और 4जी में सिम अपग्रेड करा रहे हैं। ऐसे में कोई फोन कर सिम अपग्रेड करने के लिए नंबर मांगकर धोखाधड़ी कर सकता है। दिशा-निर्देशों में बदलाव के चलते अब ऐसा करना मुमकिन नहीं होगा।

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि सेवा प्रदाता कंपनी के लिए यह अनिवार्य है कि सिम को अपग्रेड करने के दौरान उपभोक्ता को कॉल कर पुष्टी करे। इंटर-एक्टिव वॉयस कॉल में अगर उपभोक्ता सिम अपग्रेड करने की मंजूरी नहीं दे, तो प्रक्रिया को किसी भी सूरत में आगे नहीं बढ़ाया जाए। उपभोक्ता को पुष्टी प्रक्रिया के दौरान नए सिम कार्ड का नंबर डालना भी जरूरी होगा। अन्यथा सिम अपग्रेड नहीं होगा।

नए सिम में 24 घंटे तक नहीं आ सकेगा एसएमएस

अपग्रेड होने के बाद नए सिम कार्ड में 24 घंटे तक कोई एसएमएस नहीं भेजा जा सकेगा। दरअसल बैंकिंग धोखाधड़ी में ओटीपी संदेश सुरक्षा का अंतिम चरण होता है। अगर अपग्रेड सिम किसी अन्य के हाथ लग भी जाएगा तो वह कोई धोखाधड़ी नहीं कर सकेगा और उपभोक्ता अपना सिम ब्लॉक करा सकेगा।

गौरतलब है कि ऑनलाइन बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड समेत सभी पेमेंट बैंक उपभोक्ता के मोबाइल नंबर से लिंक रहते हैं। अधिकतर की सुरक्षा का अंतिम चरण ओटीपी के जरिए होता है। ऐसे में नए दिशा-निर्देशों के तहत सिम अपग्रेड करने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल जरूर हो जाएगा, लेकिन सुरक्षा पुख्ता होगी।
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