Queue for Gas Cylinders in Mumbai
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कोरोना वायरस महामारी के फैलाव को रोकने के लिए देश भर में 21 दिनों का लॉक डाउन कर दिया गया है। इस बीच कई लोगों के मन में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की सप्लाई को लेकर तमाम तरह के सवाल हैं। ऐसे में इंडियन ऑयल कॉर्प (IOC) के अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा, "भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। भारत के पास तीन सप्ताह के लॉकडाउन की अवधि के आगे बढ़ने के बाद भी पर्याप्त स्टॉक में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) है, क्योंकि सभी प्लांट्स और सप्लाई स्थान पूरी तरह से चालू हैं।"
संजीव सिंह जो यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईंधन हर नुक्कड़ पर पहुंचे उन्होंने कहा, "देश में किसी भी ईंधन की कोई कमी नहीं है। ऐसे में ग्राहकों को घबरा कर एलपीजी की बुकिंग नहीं करानी चाहिए और न ही उन्हें स्टॉक करना चाहिए।"
संजीव ने आगे कहा, "हमने अप्रैल और उसके बाद के समय के लिए ईंधन की मांग को लेकर मैपिंग की है। हमारे पास मांग के सभी स्तरों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्तर पर रिफाइनरियां हैं। वहीं, बड़ी स्टोरेज प्वाइंट्स के अलावा, सभी एलपीजी वितरण और पेट्रोल पंप पूरी तरह से सामान्य काम कर रहे हैं। ऐसे में ईधन की किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है।"
राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन ने व्यवसाय को बंद कर दिया है, उड़ानें रद्द हो गई हैं, ट्रेनें रोक दी गई हैं और लगभग सभी वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है। इससे पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की मांग प्रभावित हुई है। ऐसे में इनकी मांग में भारी गिरावट देखी जा रही है।
सड़क पर कारों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही के बंद होने के बाद से मार्च में पेट्रोल की मांग में 8 फीसदी की गिरावट आई है जबकि, डीजल की मांग में 16 फीसदी की कमी आई है। इस बीच एटीएफ की मांग में 20 फीसदी की गिरावट आई है।