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Explainer: मस्क का ट्रिलियन डॉलर सफर, पाकिस्तान जैसे दो देशों की जीडीपी से ज्यादा स्पेसएक्स मुखिया की नेटवर्थ

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 13 Jun 2026 06:51 PM IST

सार

एलन मस्क दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' बन गए हैं। उनकी संपत्ति अब इतनी ज्यादा हो गई है कि कि हमारे पड़ोसी पाकिस्तान जैसे दो देशों की जीडीपी उनकी नेटवर्थ में समा जाए, उसके बावजूद उनके पास पैसा बच जाएगा। एक ट्रिलियन डॉलर (95 लाख करोड़ रुपये) की यह दौलत कई देशों की जीडीपी से ज्यादा कैसे है? इस दौलत के क्या मायने हैं जानने के लिए पढ़ें एक्सप्लेनर।
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एलन मस्क की नेटवर्थ। - फोटो : amarujala.com

इंसानों की ओर से होने वाले व्यापार के इतिहास में जो कभी नहीं हुआ, वह अब हो गया है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' बन गए हैं। यह एक ऐसी अकल्पनीय संपत्ति है, जिसकी तुलना अब किसी अन्य व्यक्ति से नहीं, बल्कि सीधे कई देशों की कुल अर्थव्यवस्था (जीडीपी) से हो रही है। उनकी संपत्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी नेटवर्थ में हमारे पड़ोसी पाकिस्तान जैसे दो देश आराम से समा सकते हैं। आखिर मस्क इतनी बड़ी संपत्ति के मालिक कैसे बन गए हैं और एक ट्रिलियन डॉलर संपत्ति का मतलब क्या है?
 




आइए इस पूरे विषय को आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं।

सवाल: मस्क अचानक ट्रिलियनेयर बनने के इतने करीब कैसे पहुंच गए?

जवाब: एलन मस्क के पास वर्तमान में टेस्ला के सीईओ के रूप में लगभग 273 बिलियन डॉलर (25.93 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति है। ब्लमबर्ग के अनुसार उनकी सभी कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी के हिसाब से उनकी कुल नेटवर्थ करीब 703 अरब डॉलर के करीब थी। लेकिन असली गेमचेंजर उनकी रॉकेट और एआई कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ साबित हुई।

रॉकेट और सैटेलाइट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स ने 55.56 करोड़ (555.6 मिलियन) शेयर बेचकर अपने आईपीओ से 75 अरब डॉलर जुटाए हैं। इस भारी-भरकम निवेश के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन 1.77 ट्रिलियन (168.15 लाख करोड़ रुपये) डॉलर हो गया है। यह शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है।। चूंकि मस्क के पास कंपनी के लगभग आधे शेयर हैं, इसलिए इस आईपीओ से उनकी संपत्ति में सीधे 841 बिलियन डॉलर (79.89 लाख करोड़ रुपये) का इजाफा हो गया है। इन दोनों कंपनियों को मिलाकर उनकी कुल संपत्ति 1.11 ट्रिलियन डॉलर (105.45 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है।

सवाल: एक ट्रिलियन डॉलर आखिर कितनी बड़ी रकम होती है?

जवाब: एक ट्रिलियन डॉलर (करीब 95 लाख करोड़ रुपये) का मतलब है एक हजार बिलियन (यानी एक लाख करोड़ डॉलर)। इसे आम इंसान के नजरिए से समझना लगभग नामुमकिन है। अगर आप हर दिन, हर घंटे 1 मिलियन डॉलर (9.5 करोड़ रुपये) खर्च करें, तो भी 1 ट्रिलियन डॉलर (95 लाख करोड़ रुपये) खर्च करने में आपको 100 साल (एक सदी) से ज्यादा का वक्त लग जाएगा। हालांकि, मस्क की यह दौलत बैंक में रखे नकद  के रूप में नहीं है, बल्कि यह शेयरों में दर्ज 'कागजी संपत्ति' है, जो पूरी तरह से निवेशकों के भविष्य के मूल्यांकन पर टिकी है।

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एलन मस्क की नेटवर्थ। - फोटो : amarujala.com
इंसानों की ओर से होने वाले व्यापार के इतिहास में जो कभी नहीं हुआ, वह अब हो गया है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' बन गए हैं। यह एक ऐसी अकल्पनीय संपत्ति है, जिसकी तुलना अब किसी अन्य व्यक्ति से नहीं, बल्कि सीधे कई देशों की कुल अर्थव्यवस्था (जीडीपी) से हो रही है। उनकी संपत्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी नेटवर्थ में हमारे पड़ोसी पाकिस्तान जैसे दो देश आराम से समा सकते हैं। आखिर मस्क इतनी बड़ी संपत्ति के मालिक कैसे बन गए हैं और एक ट्रिलियन डॉलर संपत्ति का मतलब क्या है?
 


आइए इस पूरे विषय को आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं।

सवाल: मस्क अचानक ट्रिलियनेयर बनने के इतने करीब कैसे पहुंच गए?

जवाब: एलन मस्क के पास वर्तमान में टेस्ला के सीईओ के रूप में लगभग 273 बिलियन डॉलर (25.93 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति है। ब्लमबर्ग के अनुसार उनकी सभी कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी के हिसाब से उनकी कुल नेटवर्थ करीब 703 अरब डॉलर के करीब थी। लेकिन असली गेमचेंजर उनकी रॉकेट और एआई कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ साबित हुई।

रॉकेट और सैटेलाइट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स ने 55.56 करोड़ (555.6 मिलियन) शेयर बेचकर अपने आईपीओ से 75 अरब डॉलर जुटाए हैं। इस भारी-भरकम निवेश के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन 1.77 ट्रिलियन (168.15 लाख करोड़ रुपये) डॉलर हो गया है। यह शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है।। चूंकि मस्क के पास कंपनी के लगभग आधे शेयर हैं, इसलिए इस आईपीओ से उनकी संपत्ति में सीधे 841 बिलियन डॉलर (79.89 लाख करोड़ रुपये) का इजाफा हो गया है। इन दोनों कंपनियों को मिलाकर उनकी कुल संपत्ति 1.11 ट्रिलियन डॉलर (105.45 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है।

सवाल: एक ट्रिलियन डॉलर आखिर कितनी बड़ी रकम होती है?

जवाब: एक ट्रिलियन डॉलर (करीब 95 लाख करोड़ रुपये) का मतलब है एक हजार बिलियन (यानी एक लाख करोड़ डॉलर)। इसे आम इंसान के नजरिए से समझना लगभग नामुमकिन है। अगर आप हर दिन, हर घंटे 1 मिलियन डॉलर (9.5 करोड़ रुपये) खर्च करें, तो भी 1 ट्रिलियन डॉलर (95 लाख करोड़ रुपये) खर्च करने में आपको 100 साल (एक सदी) से ज्यादा का वक्त लग जाएगा। हालांकि, मस्क की यह दौलत बैंक में रखे नकद  के रूप में नहीं है, बल्कि यह शेयरों में दर्ज 'कागजी संपत्ति' है, जो पूरी तरह से निवेशकों के भविष्य के मूल्यांकन पर टिकी है।

मस्कोनॉमी - फोटो : amarujala.com

सवाल: क्या मस्क की दौलत सच में कई देशों की अर्थव्यवस्था से ज्यादा हो जाएगी?

जवाब: बिल्कुल। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, दुनिया में केवल 20 देश ऐसे हैं जिनकी अर्थव्यवस्था 1.1 ट्रिलियन डॉलर से बड़ी है। मस्क की कुल अनुमानित दौलत दुनिया के अधिकांश देशों की जीडीपी से ज्यादा है। इनमें ताइवान का $977 बिलियन (92.81 लाख करोड़ रुपये), आयरलैंड का 779 बिलियन डॉलर (74.00 लाख करोड़ रुपये), स्वीडन का 760 बिलियन डॉलर (72.20 लाख करोड़ रुपये), सिंगापुर का 660 बिलियन डॉलर (62.70 लाख करोड़ रुपये) और मस्क का गृह देश दक्षिण अफ्रीका का 480 बिलियन डॉलर (45.60 लाख करोड़ रुपये) शामिल हैं।

यही नहीं, अमेरिका के प्रमुख वित्तीय केंद्र मैनहट्टन की साल 2024 की पूरी जीडीपी भी लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर (95 लाख करोड़ रुपये) है, जो मस्क की संभावित नेटवर्थ से कम है। इसके अलावा टेक्सास के शहर ह्यूस्टन की सभी आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की कुल कीमत 879 बिलियन डॉलर (83.50 लाख करोड़ रुपये) है, जिसे मस्क अकेले खरीद सकते हैं।

अपनी संपत्ति से पाकिस्तान जैसे देशों को दो बार खरीद सकते हैं मस्क?

एलन मस्क की दौलत का पैमाना अब इतना विशाल हो चुका है कि वह पाकिस्तान जैसे देश की कुल अर्थव्यवस्था से भी काफी आगे निकल गए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो एक तरफ जहां मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर (1,100 बिलियन डॉलर) के ऐतिहासिक आंकड़े पर पहुंच गई है, वहीं पाकिस्तान का कुल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी लगभग 452 बिलियन डॉलर (करीब 37.5 लाख करोड़ रुपये) ही है। क्रय-शक्ति समता (पीपीपी) के आधार पर दुनिया में 25वां स्थान रखने वाले पाकिस्तान की पूरी अर्थव्यवस्था मस्क के सामने बहुत छोटी नजर आती है। आसान शब्दों में समझें तो मस्क की दौलत अकेले पाकिस्तान की पूरी जीडीपी से ढाई गुना (2.5x) ज्यादा है। इसका सीधा मतलब यह है कि मस्क अपनी मौजूदा संपत्ति से पाकिस्तान की पूरी अर्थव्यवस्था को दो बार खरीद सकते हैं, उसके बादजूद उनके पास अच्छी-खासी राशि बच जाएगी।

एलन मस्क और उनकी पार्टनर शिवॉन जिलिस बच्चों के साथ - फोटो : एक्स/मस्क

सवाल: क्या दूसरे टेक दिग्गज और स्पोर्ट्स क्लब मस्क को टक्कर दे सकते हैं?

जवाब: मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति पहले से ही हैं, लेकिन स्पेसएक्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद अब वह अपने साथी अरबपतियों से बहुत आगे निकल गए हैं। अगर हम दुनिया के अगले चार सबसे अमीर लोगों- गूगल के लैरी पेज व सर्गेई ब्रिन, ओरेकल के लैरी एलिसन और अमेजन के जेफ बेजोस- की दौलत मिला भी दें, तो वह कुल 1.09 ट्रिलियन डॉलर (103.55 लाख करोड़ रुपये) होगी, जो मस्क से कम है।

एलन मस्क की नेटवर्थ - फोटो : amarujala.com
वहीं, दुनिया की 50 सबसे मूल्यवान स्पोर्ट्स टीमों की कुल कीमत मात्र 353 बिलियन डॉलर (33.53 लाख करोड़ रुपये) है। यहां तक कि साल 2025 में अमेरिकियों की ओर से खरीदे गए 1.63 करोड़ नए वाहनों का कुल खर्च 789 बिलियन डॉलर (74.95 लाख करोड़ रुपये) भी मस्क की दौलत के आगे फीका पड़ जाता है (जहां प्रति नई कार की औसत कीमत 48,402 डॉलर यानी 45.98 लाख रुपये थी)।

एलन मस्क और प्रधाानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

सवाल: स्पेसएक्स के आईपीओ के बाद कंपनी पर किसका कंट्रोल रहेगा? क्या मस्क तुरंत अपने शेयर बेच सकते हैं?

जवाब: नई फाइलिंग के अनुसार, आईपीओ  के बाद भी स्पेसएक्स पर एलन मस्क का पूरा दबदबा कायम रहेगा। उनके पास कंपनी के 82 प्रतिशत से अधिक वोटिंग अधिकार बरकरार रहेंगे। इसके अलावा, नियमों के तहत मस्क पर कम से कम एक साल का 'लॉक-इन' पीरियड लागू होगा, जिसका मतलब है कि वह कम से कम एक साल तक अपने शेयरों का कोई भी बड़ा हिस्सा बाजार में नहीं बेच पाएंगे। इस नए मूल्यांकन के आधार पर मस्क की हिस्सेदारी की कागजी कीमत लगभग $866.5 बिलियन (₹82.31 लाख करोड़) होने का अनुमान है।

सवाल: क्या स्पेसएक्स का $1.8 ट्रिलियन (₹171 लाख करोड़) का वैल्यूएशन पूरी तरह से यथार्थवादी है?

जवाब: बाजार में स्पेसएक्स के इतने भारी-भरकम वैल्यूएशन को लेकर विशेषज्ञ दो धड़ों में बंटे हुए हैं। वित्तीय शोध फर्म मॉर्निंगस्टार ने अपनी रिपोर्ट में स्पेसएक्स का उचित मूल्य केवल 780 बिलियन डॉलर (74.10 लाख करोड़ रुपये) आंका है, जो कि कंपनी द्वारा लक्षित $1.8 ट्रिलियन (₹171 लाख करोड़) के वैल्यूएशन के आधे से भी कम है। सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि स्पेसएक्स ने अब तक कोई 'सालाना मुनाफा' दर्ज नहीं किया है। इसलिए इतने ऊंचे मूल्यांकन को कुछ विशेषज्ञ केवल बाजार की 'हाइप' मान रहे हैं।

एलन मस्क औऱ राष्ट्रपति ट्रंप (फाइल) - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स

सवाल: आम निवेशकों और रिटायरमेंट फंड पर इस आईपीओ का क्या असर होगा?

जवाब: 12 जून को आए इस मेगा आईपीओ का सीधा असर उन आम निवेशकों पर भी पड़ेगा जो 'इंडेक्स फंड्स' के जरिए अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स में निवेश करते हैं। आमतौर पर बिना मुनाफे वाली नई कंपनियों को सुरक्षित इंडेक्स फंड्स में शामिल नहीं किया जाता। लेकिन स्पेसएक्स के भारी आकार को देखते हुए नैस्डैक 100 और रसेल 1000 ने अपने नियमों में ढील दी और अब यह स्टॉक इन फंड्स का हिस्सा बन गया है। इसके उलट, एसएंडपी 500 ने नियमों में ढील देने से इनकार कर दिया है; उनका स्पष्ट नियम है कि इंडेक्स में शामिल होने के लिए कंपनी को 12 महीने तक पब्लिक ट्रेडिंग करने के साथ लगातार चार तिमाहियों में मुनाफा कमाना जरूरी है। वैंगगार्ड के अधिकारी रॉडनी कोमेगिस के अनुसार, ऐसे बड़े आईपीओ में निवेश करते समय निवेशकों के लिए डायवर्सिफिकेशन (विविधीकरण) बहुत जरूरी है ताकि किसी एक कंपनी के जोखिम को कम किया जा सके। दूसरी ओर, चीन के निवेशकों को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर इस आईपीओ में हिस्सा लेने से वंचित कर दिया गया था।

एलन मस्क का यह सफर सिर्फ एक कारोबारी की सफलता नहीं है, बल्कि कॉरपोरेट वैल्यूएशन की उस चरम सीमा को दर्शाता है जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि उनकी यह अथाह संपत्ति बाजार के मिजाज पर निर्भर करेगी। निवेशक भविष्य में टेस्ला और स्पेसएक्स को कितना महत्व देते हैं, इसी से मस्क के नेटवर्थ का नया चौंकाने वाला नंबर तय होगा।
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