धार्मिक कारणों से भारत में अमेरिकी नाॅन वेज दूध की बिक्री मुश्किल
यह भारत के लिए एक समस्या है, जहां दूध का सेवन न केवल बेहतर स्वास्थ्य के लिए किया जाता है, बल्कि इसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी पवित्र माना जाता है। अमेरिका के विपरीत, भारत में गायों को पूर्णतः शाकाहारी आहार दिया जाता है। यही कारण है कि भारत मांसाहारी दूध भारत में बेचने देने से बच रहा है। भारत ने आग्रह किया है कि आयातित दूध का सख्त प्रमाणीकरण होना चाहिए, जिसमें यह बताया जाए कि यह उन गायों से आया है जिन्हें पशु-आधारित उत्पाद नहीं खिलाए गए।
जानकारों की नॉन वेज दूध के भारत में व्यापार पर क्या है राय?
नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीटीआरआई) के अजय श्रीवास्तव ने पीटीआई से कहा, "कल्पना कीजिए कि आप उस गाय के दूध से बना मक्खन खा रहे हैं जिसे दूसरी गाय का मांस और खून दिया गया हो। भारत शायद कभी इसकी इजाजत नहीं देगा।" इस बीच, अमेरिका ने भारत की इस मांग को "अनावश्यक व्यापार बाधा" बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने इस मामले को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में उठाया है और संकेत दिया है कि नवंबर 2024 से प्रभावी भारत के अद्यतन डेयरी प्रमाणन में ऐसी कोई चिंता नहीं है। अमेरिका से आयातित दूध के साथ इस समझौते का भारत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अमेरिकी डेयरी के लिए भारतीय बाजार खोलने से हो सकता है 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर भारत अमेरिकी डेयरी उत्पादों को अनुमति देता है तो उसे सालाना 1.03 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय डेयरी खाद्य संघ (आईडीएफए) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डेयरी उद्योग अमेरिकी डेयरी व्यापार का एक नया "स्वर्ण युग" स्थापित करने के लिए तैयार है। अमेरिका डेयरी उद्योग का 2024 में निर्यात 8.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया - जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा कुल निर्यात मूल्य है। साल-दर-साल आधार पर इसमें 223 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है।
अमेरिका 145 देशों को 8 अरब डॉलर मूल्य के डेयरी उत्पाद करता है निर्यात
आईडीएफए ने आगे कहा कि अमेरिकी डेयरी उद्योग, जो अमेरिका में 32 लाख से ज़्यादा रोजगार पैदा करता है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगभग 800 अरब डॉलर का योगदान देता है, ने नई प्रसंस्करण क्षमता में 8 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है जो अगले कुछ वर्षों में शुरू हो जाएगी। एक दशक पहले डेयरी उत्पादों का शुद्ध आयातक होने के बाद, अब अमेरिका 145 देशों को 8 अरब डॉलर मूल्य के डेयरी उत्पादों का निर्यात करता है। 2000 के दशक की शुरुआत से अमेरिकी डेयरी निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ गया है।
इस बीच, वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दूध उत्पादन के मामले में भारत अब निर्विवाद रूप से दुनिया में सबसे आगे है। 2022-23 के दौरान, भारत ने लगभग 230.58 मिलियन टन दूध का उत्पादन किया। पिछले एक दशक में भारत के डेयरी क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है और भारत अब दुनिया में दूध और मूल्यवर्धित दूध उत्पादों के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक बन गया है।