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Russia: यूक्रेन के अनाज निर्यात पर क्रेमलिन की रोक के बाद कई देशों पर संकट के बादल; US-UK ने रूस को घेरा

Tue, 18 Jul 2023 07:04 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Russia: रूस ने युक्रेन के अनाज को निर्यात करने देने वाला अपना फैसला रद्द कर दिया है। क्रेमलिन ने कहा है कि वह यूक्रेन के अनाज के निर्यात की अनुमति देने वाले सौदे को रोक रहा है। रूस के इस फैसले से दुनिया के कई देशों में खाद्य संकट गहरा सकता है।
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पुतिन-जेलेंस्की - फोटो : Social media
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विस्तार
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रूस ने यूक्रेन के अनाज को निर्यात करने देने वाला अपना फैसला रद्द कर दिया है। क्रेमलिन ने कहा है कि वह यूक्रेन के अनाज के निर्यात की अनुमति देने वाले सौदे को रोक रहा है। रूस के इस फैसले से दुनिया के कई देशों में खाद्य संकट गहरा सकता है। बता दें कि रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के अनाज पर निर्भर करने वाले तुर्की जैसे देशों की पहल पर रूस ने यूक्रेन में उपजने वाले अनाज को निर्यात करने की अनुमति दे दी है। अब रूस ने अपना यह फैसला वापस लेने का फैसला किया है।

अनाज डील से रूस का पीछे हटना मूर्खतापूर्ण: एंटनी ब्लिंकन 

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने काला सागर अनाज डील से हटने के रूस के फैसले की आलोचना की है। ब्लिंकन ने मॉस्को के फैसले को मूर्खतापूर्ण करार दिया और कहा कि समझौते को जितनी जल्दी हो सके बहाल किया जाना चाहिए। ब्लिंकन ने सोमवार को विदेश विभाग में कहा, मुझे उम्मीद है कि सभी देश इस पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं। रूस के इस कदम से दुनिया भर में महंगाई और बढ़ेगी, जब कई देश उच्च मुद्रास्फीति का सामना कर रहे हैं।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने भी रूस के फैसले की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र और तुर्की की मध्यस्थता वाले काला सागर अनाज समझौते से रूस के बाहर निकलने की घोषणा के बाद, ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने मास्को के फैसले की निंदा की। उन्होंने रूस से इस पहल में फिर से शामिल होने और अनाज के निर्यात की अनुमति देने का आह्वान किया। क्लेवरली ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध ने ब्लैक सी से अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों के मुक्त प्रवाह में बाधा डाली है जिसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में खाद्य संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से काला सागर अनाज पहल (Black Sea Grain Initiative) ने वैश्विक खाद्य कीमतों को कम व स्थिर करने और 32 मिलियन टन से अधिक खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजारों में वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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जेम्स क्लेवरली ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "यूनाइटेड किंगडम काला सागर अनाज पहल से हटने के रूस के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। "यूक्रेन के खिलाफ रूस के अवैध युद्ध ने काला सागर के माध्यम से अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों के मुक्त प्रवाह को बाधित किया है, जिससे दुनिया भर में पीड़ा हो रही है। हम रूस से इस पहल में फिर से शामिल होने का आग्रह करते हैं, जिसे 2022 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा विकसित किया गया था, और अनाज के बेरोकटोक निर्यात की अनुमति देता है।

खाद्य संकट के आसार

रूस और यूक्रेन दुनियाभर में गेहूं, जौ, सूरजमुखी का तेल और अन्य किफायती खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शुमार हैं। कई विकासशील देश इन खाद्यान्नों पर निर्भर हैं। ऐसे में यह सौदा बाधित होने से विकासशील देशों में न सिर्फ जरूरी चीजें महंगी हो जाएंगी बल्कि बड़ा खाद्य संकट भी खड़ा हो जाएगा।

बता दें, संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये ने गत वर्ष दोनों देशों में एक ऐतिहासिक समझौता कराते हुए यूक्रेन को कालासागर क्षेत्र के रास्ते खाद्यान्न की आपूर्ति की अनुमति दिलाई थी। इससे अलग एक समझौते के तहत पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस को खाद्यान्न और उर्वरक की आपूर्ति की अनुमति मिली थी।

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