बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के खाते को "धोखाधड़ी" घोषित करने के बैंक ऑफ इंडिया के फैसले को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति आरआई चागला की आरे से जारी आदेश में गोयल के खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित करने के बाद की सभी कार्रवाई को भी रद्द कर दिया गया है। इसमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी को इसकी रिपोर्ट करना भी शामिल है।गोयल ने याचिका दायर कर नरेश के स्वामित्व वाले जेट एयरवेज के उधारकर्ता खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित करने के बैंक के फैसले को चुनौती दी थी।
30 दिसंबर 2024 को बैंक ने गोयल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जेट एयरवेज के खाते को धोखाधड़ी वाला बताया था। 14 जनवरी, 2025 को गोयल ने आरोपों का खंडन कर विशेष रूप से अनुरोध किया कि बैंक धोखाधड़ी की घोषणा प्रक्रिया से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराए।
गोयल ने बताया कि 7 मई, 2020 की एफएआर ने जेट एयरवेज और गोयल को दोषमुक्त किया था, क्योंकि धोखाधड़ी का निर्णायक सबूत नहीं मिला था। इसके आधार पर संयुक्त ऋणदाता मंच ने 8 मई 2020 को अपनी बैठक में गोयल के खिलाफ कार्रवाई न करने का फैसला किया था।