भारतीय कपड़ा निर्यातकों का कहना है कि 25% टैरिफ के कारण अमेरिकी निर्यात में हुए नुकसान की भरपाई एफटीए से होगी। भारतीय व्यापारी नए बाजार तलाशकर और उत्पादन लगात कम करके ऐसी चुनौतियों का समाने करने के लिए सक्षम हैं।
भारतीय कपड़ा उद्योग को अमेरिकी टैरिफ से हुई नुकसान की भरपाई अन्य देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते से होगी। निर्यातकों ने इसे लेकर उम्मीद जताई है। निर्यातकों ने सरकार से उद्योग को समर्थन देने के लिए सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया है।
सरकारी नीतियों में संशोधन और लागत कम करने की जरूरत
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपालाल बोथरा ने बताया कि ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बावजूद, कपड़ा उद्योग को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे निर्यात का जो 35 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका जाता है, उसकी भरपाई एफटीए के जरिए की जा सकती है। इसमें सरकारी नीतियों में संशोधन और लागत कम करने की जरूरत है। अगर कोई देश उसे बांधने की कोशिश करेगा, तो भारत नहीं रुकेगा। भारत पर टैरिफ का दबाव काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि नई बाजारों की तलाश यूरोप, दक्षिण अफ्रीका, जापान या मध्य एशिया में की जा सकती है।
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बोथरा ने आगे कहा कि भारत के कपड़ा व्यापारी इतनी मजबूत स्थिति में हैं कि वे दुनिया में कहीं भी अपना बाजार बना सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का उचित समर्थन मिले, खासतौर से एमएसएमई के लिए, तो भारत प्रभावी ढंग से टैरिफ का सामना कर सकता है।
भारत के पास नए बाजार तलाशने के अवसर
सूरत के कपड़ा व्यापारियों ने कहा कि नए टैरिफ से उनके बाजार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका मानना है कि भारतीय व्यापारी नए बाजार तलाशकर और उत्पादन लगात कम करके ऐसी चुनौतियों का समाने करने के लिए सक्षम हैं।
भारतीय कपड़ा उद्योग वैश्विक व्यापार चुनौतियों का सामने करने के लिए तैयार
कपड़ा व्यापारी विकास गुप्ता का कहना है कि टैरिफ का सामना करने के लिए सरकार को नीतियों में बदलाव और सब्सिडी जैसे समानांतर विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हम इसे नए अवसर के रूप में भी ले सकते हैं। अगर सरकारी नीतियां अच्छी हों, तो हम वियतनाम, बांग्लादेश और चीन को भी सामग्री की आपूर्ति कर सकते हैं। सूरत के लोगों ने कभी दबाव में काम नहीं किया है और न ही करेंगे। भारतीय कपड़ा उद्योग वैश्विक व्यापार चुनौतियों पर काबू पाने और अपनी वृद्धि जारी रखने लिए तैयार हो रहा है।