एंडॉमेंट या यूलिप पॉलिसी से टर्म इंश्योरेंस कैसे बेहतर है?
सामान्य एंडॉमेंट पॉलिसी या यूलिप न तो पर्याप्त सुरक्षा देते हैं, न संतोषजनक रिटर्न। एंडॉमेंट पॉलिसी या यूलिप औसतन 6-7 फीसदी वार्षिक रिटर्न देती है, कई बार इससे भी कम। इस रिटर्न के साथ अच्छे रिटर्न ताे दूर, बढ़ती महंगाई के साथ अपनी खरीद क्षमता बनाए रखना भी मुश्किल होगा।
इन उत्पादों का बीमा कवरेज भी बेहद सीमित
उदाहरण के लिए, अगर कोई सालाना 25,000 रुपये एंडॉमेंट पॉलिसी में जमा करता है, तो उसे पांच से 10 लाख रुपये का कवर मिलता है। अगर यही 25,000 रुपये टर्म इंश्योरेंस में लगाएं, तो आसानी से एक करोड़ रुपये या इससे ज्यादा का कवर मिल सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- क्लेम सेटलमेंट रेश्यो : 97% से ऊपर का CSR अच्छा होता है।
- सॉल्वेंसी रेश्यो : 180% या उससे अधिक होना चाहिए। यह गारंटी देता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है।
- क्लेम रिजेक्शन रेश्यो : देखें कि कंपनी का अस्वीकृति अनुपात बहुत अधिक न हो।
- शिकायत निवारण : शिकायत समाधान अनुपात अच्छा व ऑनलाइन सेवा और कॉल सेंटर प्रतिक्रिया तेज हो।
क्लेम सेटलमेंट रेश्याे और प्रीमियम के बीच संतुलन बनाएं...
सभी कंपनियों के प्रीमियम की तुलना करें, लेकिन केवल सस्ते प्रीमियम के आधार पर निर्णय न लें। पॉलिसी के दस्तावेज को ध्यान से पढ़ें। जैसे-क्या कोई राइडर आवश्यक है?
जीवन बीमा पहली और बुनियादी जरूरत
जीवन बीमा का बाजार पूरी तरह से बदल रहा है। लोग इस बदलाव को समझ रहे हैं। बीमा बचत या निवेश नहीं, परिवार की वास्तविक सुरक्षा है। महामारी की यही नसीहत है, जीवन की अनिश्चितता किसी भी निवेश योजना से बड़ी हकीकत है। बीमा बेचने वालों के लिए यह आग्रह की वस्तु है, लेकिन समझदार ग्राहक के लिए यह एक बुनियादी और अपरिहार्य जरूरत है। अपनी वास्तविक वित्तीय जरूरतों का आकलन करके ही सही बीमा खरीदना चाहिए। -
नितिन पांडे, चेयरमैन एंड एमडी, इंस्टापॉलिसी इंश्योरेंस ब्रोकिंग प्रा. लि.
जीवन बीमा बाजार का बदलता रुझान
| वित्त वर्ष |
टर्म प्लान (%) |
यूलिप/एंडॉमेंट (%) |
| 2021-22 |
22% |
78% |
| 2022-23 |
30% |
70% |
| 2023-24 |
38% |
62% |
| स्रोत: IRDAI |
कैसा हो आपका बीमा
- आपकी वार्षिक आय का कम से कम 15–20 गुना कवरेज होना चाहिए।
- बजट में आने वाला और लंबी अवधि तक बनाए रख सकने वाला प्लान चुनें।
- कंपनी का ऑनलाइन पोर्टल, चैटबॉट और क्लेम ट्रैकिंग एप होना चाहिए।
- एक्सीडेंट, क्रिटिकल इलनेस, इनकम बेनिफिट जैसे ऐड-ऑन जरूर लें।