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Telecom: भविष्य में महंगी होती रहेंगी दूरसंचार सेवाएं, फिर टैरिफ बढ़ाएंगी कंपनियां; रिपोर्ट में दावा

Wed, 26 Mar 2025 06:07 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

Telecom: दूरसंचार कंपनियां टैरिफ में नियमित बढ़ोतरी कर अपने राजस्व में सुधार करेंगी, जिससे उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ेगा। 2जी उपयोगकर्ता तेजी से घट रहे हैं, और अधिक लोग महंगे 4जी व 5जी प्लान अपना रहे हैं। सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 
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Indian Telecom - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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देश में दूरसंचार सेवाओं का इस्तेमाल करना और महंगा होता जाएगा, क्योंकि कंपनियां भविष्य में नियमित रूप से टैरिफ में बढ़ोतरी करती रहेंगी। इससे दूरंसचार कंपनियों को अपने राजस्व में सुधार करने में मदद मिलेगी। कंपनियां पहले भी दिसंबर, 2019, नवंबर, 2021 और जुलाई, 2024 में तीन बार टैरिफ बढ़ा चुकी हैं।

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सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूरसंचार कंपनियां प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़ाने की योजना बना रही हैं। कीमत वृद्धि से ज्यादातर उपभोक्ता प्रीमियम प्लान की ओर रुख करेंगे, जिससे प्रति उपयोगकर्ता अधिक खर्च होगा और कंपनियों के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है भारतीय दूरसंचार क्षेत्र वर्तमान में एक महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहा है। प्रतिस्पर्धी तीव्रता कम हो गई है। इससे पहले मोतीलाल ओसवाल ने कहा था, निवेश और ग्राहकों के डाटा खपत को देखते हुए उद्योग का रिटर्न अब भी काफी कम है। इसलिए, आने वाले वर्षों में कंपनियां अधिक बार टैरिफ बढ़ाएंगी।
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स्टारलिंक के लिए भारत में पैठ बनाना आसान नहीं
भारत में एयरटेल और रिलायंस जियो के साथ समझौता करने के बाद एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक वोडाफोन आइडिया के साथ भी चर्चा कर रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है...स्टारलिंक को भारत में नियामकीय बाधाओं, उच्च आयात करों और कम लागत वाली ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए जाने जाने वाले बाजार में प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण की आवश्यकता के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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कंपनियों का राजस्व पांच साल में दोगुना
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में दूरसंचार कंपनियों का राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। उनकी लाभप्रदता में भी सुधार हो रहा है। परिचालन लागत स्थिर हो रही है और मार्जिन मजबूत हो रहा है। 5जी सेवाओं के आने के बाद कंपनियों ने अपने पूंजीगत खर्च की रफ्तार धीमी कर दी है, जिससे वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में मुक्त नकदी प्रवाह में बढ़ोतरी हो सकती है।

2जी ग्राहकों की संख्या में लगातार गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, 4जी और 5जी के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारत में 2जी ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। अगले पांच-छह वर्षों में यह संख्या नगण्य हो जाएगी। वर्तमान में 25 करोड़ ग्राहक अब भी 2जी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें वोडाफोन आइडिया की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 40 फीसदी है। एयरटेल के पास 23 फीसदी 2जी ग्राहक हैं।

अधिक कीमत वाले डाटा प्लान की मांग
दूरसंचार ग्राहक 2जी छोड़कर 4जी सेवाओं को अपना रहे हैं। साथ ही, पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। इस बदलाव से प्रति उपयोगकर्ता समग्र राजस्व में सुधार हो रहा है। इसके अतिरिक्त, डाटा की खपत बढ़ रही है। ग्राहक अधिक कीमत वाले डाटा प्लान चुन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रोमिंग व ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसी सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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विस्तार के रास्ते पर बढ़ रहा उपग्रह संचार क्षेत्र
भारत का उपग्रह संचार क्षेत्र भी विस्तार कर रहा है। दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना और दूरसंचार अधिनियम-2023 जैसी सरकारी पहलों से इसे समर्थन मिल रहा है। ओपन एफडीआई नीतियां, क्वांटम सैटेलाइट तकनीक में प्रगति और वीसैट नेटवर्क का विस्तार इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।

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