देश में इस साल अक्तूबर में 5जी की शुरुआत हुई। 5जी न सिर्फ एक नए युग की शुरुआत है बल्कि इससे जीवन काफी आसान हो जाएगा। 4जी के मुकाबले इसकी स्पीड 10 गुना ज्यादा है। इसके जरिये सिर्फ 20 सेकंड में एक फिल्म डाउनलोड कर सकते हैं। 5जी की मदद से दूर बैठे कई उपकरणों को कंट्रोल किया जा सकता है। जिन ड्राइवरलेस कारों को भविष्य में बड़ी उम्मीद से देखा जा रहा है, उनका संचालन 5जी से ही संभव है।
रिकॉर्ड 291 लाख करोड़ पूंजीकरण
पिछले साल सेंसेक्स ने 62,245 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। इस साल भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद इसने अपना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। एक दिसंबर को यह 63,284 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। बाजार पूंजीकरण भी पहली बार 291 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। ।
पिछले साल जैसा नहीं मिला समर्थन
प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिहाज से 2022 अच्छा नहीं रहा। इस साल कुल 39 कंपनियों ने आईपीओ के जरिये 60,006 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह आंकड़ा 2021 में जुटाए गए रिकॉर्ड 1.20 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले आधा है। पूंजी जुटाने के लिहाज से पहले यह रिकॉर्ड 2017 के नाम रहा, जिसमें 75,279 करोड़ जुटाए गए थे। हालांकि, संख्या के लिहाज से 2007 में रिकॉर्ड 104 आईपीओ पेश हुए थे।
वैसे सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड भी इसी साल बना, जब एलआईसी ने 20,571 करोड़ रुपये जुटाए। पेटीएम ने आईपीओ से 18,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। नई उम्र वाली कंपनियों ने भी भारतीय बाजार से अच्छा खासा पैसा जुटाया। इसमें जोमैटो, नायका, पॉलिसी बाजार आदि हैं।