देश में आईटी क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध बंगलूरू अब दुनिया के शीर्ष 12 प्रौद्योगिकी केंद्रों में शामिल हो गया है। इस शहर में आईटी के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का आंकड़ा 10 लाख पार कर गया है। रियल एस्टेट परामर्शदाता फर्म सीबीआरई ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। 'ग्लोबल टेक टैलेंट गाइडबुक 2025' नामक रिपोर्ट में 115 बाजारों में वैश्विक तकनीकी प्रतिभा की गतिशीलता का ब्योरा दिया गया है।
रिपोर्ट में तकनीकी प्रतिभा की उपलब्धता, गुणवत्ता और लागत के आधार पर इन बाजारों का मूल्यांकन किया गया है और उन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ये श्रेणी हैं- पावरहाउस (बड़े, गहन और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी प्रतिभा पूल वाले 12 बाजार), स्थापित (लगातार प्रतिभा पाइपलाइनों वाले 63 परिपक्व बाजार) और उभरते (सुधार क्षमताओं वाले 40 विकास-केंद्रित बाजार)।
सीबीआरई ने कहा कि रिपोर्ट में "बेंगलुरु को शीर्ष 12 वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्तियों में से एक बताया गया है।" प्रौद्योगिकी के मामले में अन्य महाशक्ति शहरों में बीजिंग, बोस्टन, लंदन, न्यूयॉर्क मेट्रो, पेरिस, सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र, सिएटल, शंघाई, सिंगापुर, टोक्यो और टोरंटो का नाम शामिल है।
सलाहकार फर्म ने कहा, "बेंगलुरु, बीजिंग और शंघाई के साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे बड़ा तकनीकी प्रतिभा बाजार है, जहां तकनीकी कार्यबल 1 मिलियन (10 लाख) से अधिक है।" यह बंगलूरू शहर को वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार के मामले में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है।
सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के चेयरमैन और सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा, "वैश्विक तकनीकी महाशक्ति के रूप में बेंगलुरु का उभरना डिजिटल नवाचार, एआई और प्रतिभा तत्परता में भारत की रणनीतिक गहराई को दर्शाता है।"
उन्होंने कहा, "इससे भी अच्छी बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहरों में भी चीजें सकारात्मक रूप से बदल रही हैं। ये भी शहर भारत के विविध और लचीले तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में अद्वितीय योगदान दे रहे हैं।" मैगजीन ने कहा कि यह परिपक्व होते भारतीय बाजार का संकेत है।