टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) द्वारा लागत में कटौती के उपायों के तहत अपने कार्यबल के 2 प्रतिशत, लगभग 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के फैसले से लंबे समय में कंपनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जेफरीज ने अपनी हालिया रिपोर्ट में यह बात कही है।
इससे पहले, आईटी दिग्गज ने अप्रैल 2025 में वेतन वृद्धि को टाल दिया और जून 2025 में नए बेंचिंग दिशानिर्देश पेश किए। अपडेट की गई बेंचिंग नीति अब एक कर्मचारी की गैर-बिल योग्य अवधि को एक वर्ष में केवल 35 दिनों तक सीमित करती है। जेफरीज ने कहा, "लागत में कटौती पर ध्यान केंद्रित करने से टीसीएस को लंबी अवधि में नुकसान हो सकता है...: टीसीएस का यह कदम निरंतर विकास दबावों के बीच मार्जिन को बनाए रखने पर उसके बढ़ते ध्यान को दर्शाता है।"
रिपोर्ट के अनुसार, टीसीएस ऐतिहासिक रूप से उद्योग में शीर्ष वेतनदाताओं में से नहीं रही है, लेकिन दीर्घकालिक करियर विकास और नौकरी में स्थिरता प्रदान करने पर अपने ध्यान के कारण यह औसत से कम एट्रिशन स्तर बनाए रखने में कामयाब रही है।
हालांकि, रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि छंटनी का यह मौजूदा दौर निकट भविष्य में कर्मचारियों के मनोबल को नुकसान पहुंचा सकता है और संभावित रूप से कार्यान्वयन में देरी का कारण बन सकता है। लंबी अवधि में, लागत में कटौती के ऐसे उपायों से एट्रिशन में तेज़ वृद्धि हो सकती है, जैसा कि 2020 और 2022 के बीच कॉग्निजेंट में देखा गया था।