नई कर व्यवस्था में नए स्लैब के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह सीमा 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ 12.75 लाख रुपये तक हो जाएगी। 12 लाख रुपये की सीमा के ऊपर की आय पर टैक्स का भुगतान करना होगा।
नया आयकर स्लैब
यूलिप पर कैपिटल गेन्स के रूप में टैक्स
यूलिप में निवेश के दौरान किसी भी वर्ष 2.5 लाख रुपये से अधिक का प्रीमियम दिया है, तो मैच्योरिटी के समय प्राप्त राशि (बोनस सहित) पर टैक्स देना होगा। साथ ही, अगर आपने कई यूलिप प्लान खरीदे हैं और कुल भुगतान किया गया प्रीमियम 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो इससे होने वाली आय पर भी टैक्स लगेगा। नए वित्त वर्ष से जो यूलिप आयकर कानून की धारा-10(10डी) के तहत नहीं आते हैं, उन्हें पूंजीगत संपत्ति माना जाएगा और इससे होने वाले लाभ को कैपिटल गेन्स माना जाएगा। इन यूलिप को इक्विटी ओरिएंटेड एसेट माना जाएगा और इसलिए सभी लाभों पर इक्विटी ओरिएंटेड फंड के बराबर कर लगेगा।
एनपीएस वात्सल्य
एनपीएस वात्सल्य में किए गए योगदान के लिए माता-पिता को धारा-80सीसीडी के तहत अतिरिक्त 50000 रुपये तक की छूट मिलेगी। यह धारा-80सी के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये तक की छूट के अतिरिक्त होगी। ध्यान रखने वाली बात है कि यह लाभ सिर्फ पुरानी कर व्यवस्था को अपनाने वाले करदाताओं को ही मिलेगा। 2025-26 के बजट में पुरानी कर व्यवस्था में यह किया गया एकमात्र बदलाव है।