टाटा जेट एयरवेज को खरीदने के बाद इसे विस्तारा में विलय कर सकता है। जेट एयरवेज काफी लंबे समय से घाटे से जूझ रही है। ब्लूमबर्ग क्विंट और इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार केंद्र सरकार ने जेट एयरवेज को डूबने से बचाने के लिए टाटा संस को इसे खरीदने के लिए कहा है। पिछले तीन माह से इस निजी एयरलाइन कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। इसका शेयर दो जुलाई से 19 अगस्त के बीच 12 प्रतिशत टूट चुका था।
खुद को दोषी मानते हैं नरेश गोयल
जेट एयरवेज के संस्थापक चेयरमैन नरेश गोयल ने गुरुवार को कहा कि कंपनी के बारे में लोगों के बीच बन रही धारणा को सुधारने और कंपनी के खिलाफ हो रहे नकारात्मक प्रचार को रोकने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। साथ ही गोयल ने कहा कि कंपनी के शेयरधारकों को इस समय पैसा गंवाना पड़ा है जिसकी वजह से वह अपने को ‘दोषी और शर्मिंदा’ महसूस कर रहे हैं।
25 फीसदी चढ़ा शेयर
जेट एयरवेज का शेयर शुक्रवार को 25 फीसदी चढ़ गया। यह चार माह का सबसे उच्चतम स्तर है। जेट एयरवेज को सितंबर, 2018 में समाप्त तिमाही में 1,261 करोड़ रुपये का शुद्ध एकीकृत घाटा हुआ है, जबकि बीते साल समान अवधि के दौरान कंपनी को 71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
खबरों के मुताबिक, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन 16 नवंबर को बोर्ड के सामने जेट एयरवेज को खरीदने का प्लान पेश कर सकते हैं। रिपार्ट्स के मुताबिक, ‘टाटा संस की एक टीम जेट एयरवेज पर विचार कर रही है, जिसके अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहने का अनुमान है।’